डेंगू बुखार Dengue fever व चिकनगुनिया बुखार के लक्षण और घरेलू व आयुर्वेदिक उपचार

डेंगू बुखार Dengue fever और चिकनगुनिया बुखार
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डेंगू बुखार Dengue fever व चिकनगुनिया बुखार के लक्षण और घरेलू व आयुर्वेदिक उपचार

दोस्तों आप सभी को पता है कि कुछ समय से डेंगू बुखार Dengue fever , और चिकनगुनिया बुखार और अन्य कई तरह के बुखार यहाँ फैल रहे हैं ! और करोड़ो लोग इससे प्रभावित हुए हैं ! कई बार इसमें लापरवाही की वजह से मरीजों को अपनी जान भी गवानी पडती है ! लाखों की संख्या में लोग इसके करण मर भी गये, लेकिन सरकारें कुछ भी नही कर पाई !

डेंगू बुखार Dengue fever के लक्षण :-

वैसे तो मित्रो सभी बुखार एक जैसे ही होते हैं, और बुखार में हमेशा ही शरीर गर्म होता है ! लेकिन जब डेंगू बुखार Dengue fever होता है तो उसमे ज्वर असहनीय होता है ! यह 102º -105º F तक हो सकता है ! नोर्मल बुखार एक से तीन दिने में अपने आप ठीक हो जाता है ! लेकिन डेंगू बुखार Dengue fever कभी कभी 10 से 15 तक भी ठीक नही होता ! और जब यह ठीक हो जाता है इसके बाद भी शरीर पर इसके लक्ष्ण दिखते हैं :-

बहुत तेज बुखार :- हम ऊपर भी इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि डेंगू अन्य बुखारों की अपेक्षा बहुत ज्यादा तेज होता है ! और यह 102º -105º F तक हो सकता है !

उलटी या जीमचलना : यह लक्षण भी सिर्फ डेंगू या चिकनगुनिया बुखार में ही होता है ! अन्य नोर्मल बुखार में यह नही होता !

जोड़ों में दर्द :- यह डेंगू का सबसे बड़ा लक्षण है अगर बुखार के साथ साथ आपके जोड़ों में दर्द हो रहा है तो डेंगू बुखार Dengue fever होने के चांस बढ़ जाते हैं !

शारीरिक कमजोरी :-  मित्रो नोर्मल बुखार में इतनी कमजोरी हमे कभी भी महसूस नही होती जितनी डेंगू बुखार Dengue fever में होती है !

फुंसी या चकते होना :- मित्रो यह भी इसका मुख्य लक्षण है, जब भी डेंगू बुखार Dengue fever होता है ! तो मरीज के शरीर पर लाल चकते या लाल फुंसियाँ हो जाती हैं ! और इनमे बहुत ज्यादा खारिस या खुजली भी होती है

डेंगू बुखार Dengue fever के लिए घरेलू औषधि बनाने की विधि 

भाई राजीव दीक्षित ने गाँव -2 घूम कर इस औषधि का प्रयोग करके  डेंगू बुखार Dengue fever से लाखों लोगों की जान बचाई ! और इस औषधि  को बनाने का तरीका भी बहुत आसान हैं :-

  • श्यामा तुलसी की 20 पतियाँ
  • छोटी पीपर 5 से 7
  • नीम की गिलोय 5 ग्राम
  • सोंठ 3 से 5 ग्राम
  • और गुड स्वाद अनुसार

यह औषधि कडवी बहुत होती है, इसके कडवे पन की वजह से इसको पीना थोडा मुश्किल होता है ! लेकिन आप अपनी सुविधा और टेस्ट के लिए इसमें गुड मिला सकते हैं !

डेंगू बुखार Dengue fever के साथ साथ सभी तरह के बुखार के लिए मात्र 3 खुराक पर्याप्त हैं ! बुखार कितना भी तेज हो पहली खुराक से आराम आना शुरू हो जाता है और बुखार उतरने लगता है !

डेंगू व चिकनगुनिया बुखार में एैलोपेथिक दवाइयों के दुष्परिनाम :-

इसके विपरीत एैलोपेथिक में डॉक्टर डेंगू बुखार Dengue fever के मरीज को मारने में कोई कसर नही छोड़ते ! वे पेशैंट को तीनों टाइम injection overran ठोकते रहते हैं ! Paracetamol iv injection भी ठोकते रहते हैं ! 1500mg टैबलेट भी खिलाते रहते हैं ! लेकिन मरीज फिर भी ठीक नही होता वो दर्द से कर्राहता रहता है ! और बुखार उतरने का नाम नही लेता, कई बार तो मरीज एक – एक महीना तक ठीक नही होते ! बिस्तर में ही तडपते रहते हैं ! और इन दवाओं का side effect इतना ज्यादा होता है कि अनुमान नही लगा सकते !

जब डॉक्टरों को खुद Dengue fever हुआ तो उन्होंने क्या किया :-

जब खुद कई डॉक्टरों को डेंगू बुखार Dengue fever और चिकनगुनिया बुखार हो गया ! तो डॉक्टर भागे –2 भाई राजीव दीक्षित जी के पास आए ! और उनसे पूछने लगे की आप मरीजों को क्या दे रहे हो ! तो इस पर राजीव भाई ने उनसे कहा आप अपना  injection खुद को क्यों नही ठोक लेते ! यह Paracetamol खुद क्यों नही खा लेते ! तो इस पर डॉक्टरों का जवाब था हमे पता है इनका कितना side effect होता है ! तब राजीव भाई उन डॉक्टरों से पूछने लगे कि आप सब ये बातें मरीजों को क्यों नहीं बताते ? इतनी हराम खोरी क्यों करते हो ? तुम जानते हो कि इन दवाओं के दुष्परिणा कितने ज्यादा हैं ! इन दवाओं से मुहँ का अल्सर, गले का अल्सर और कई बार तो लीवर भी डैमेज हो जाता है ! और ये सब तुम कभी भी मरीजों को नही बताओगे !

दुर्भग्य से ये सारी दवाएं यूरोप और अमेरिकी देशों में 20 -25 साल पहले ही बन्द हो चुकीं हैं ! और DICLOFENAC बहुत खराब हैं और “पेरासिटामोल” तो एक जहर है “नोवल्जिन” तो अमेरिकी देशों में 1980 से बैन है ! और वही दवाईयां बार- बार मरीज को देते रहते हैं और मरीज ठीक नही होता ! राजीव दीक्षित जी से फेसबुक पर जुड़ने और नये अपडेट के लिए यहाँ पर क्लिक करें 

बुखार की होम्योपैथी दवाई :-

बहुत सी होमोपैथिक दवाओं के बारे में राजीव दीक्षित जी ने बताया है ! जो डेंगू बुखार Dengue fever व अन्य बुखारों को आसानी से ठीक कर सकती है ! जिसको आप होमोपैथिक डॉक्टर भी जानते हैं “ओसिम्म” 200 ये दवा तुलसी से ही बनी है ! और इसके परिणाम की प्रमाणिकता राजीव भाई ने खुद हजारों मरीजों को देकर ठीक किया है ! एक बार कर्नाटक में बहुत भयंकर चिकनगुनिया बुखार आया और राजीव भाई अपनी टीम के साथ वहाँ गये ! उन्होंने वहाँ  लोगों को यही “ओसीमम200” औषधि दी थी ! इस औषधि की केवल तीन – तीन खुराकों से ही मरीजों ठीक कर दिया ! जबकि वहाँ के डॉक्टरों से मरीज ठीक नही हो पा रहे थे !

कर्नाटक सरकार ने डॉक्टरों को राजीव दीक्षित जी के पास क्यों भेजा :-

एैसे में वहाँ की सरकार ( कर्नाटक सरकार ) ने डॉक्टरों को कहा की वे राजीव भाई के पास जाएँ ! और उनसे सीखें की वे डेंगू बुखार Dengue fever या चिकनगुनिया के मरीजों को क्या दे रहे हैं ? राजीव भाई ने लग भग 70 हजार मरीजों को अपनी आयुर्वेदिक औषधि दी ! जिसमे से केवल 6 मरीजों की मौत हुई ! और दूसरी तरफ वहाँ के एैलोपथिक डॉक्टर एक लाख तीस हजार में केवल 6 लोगों को ही बचा पाए ! ये सब देख कर राजीव भाई बहुत दुखी हुए और बोले हमारे कार्य कर्ता कम थे ! और यदि सरकार हमारा साथ देती या फिर एक दो हजार डॉक्टर हमे दे देती, तो हम कर्नाटक के लाखों मरीजों की जान बचा सकते थे !

मित्रो यह सब औषधियां हमारे घरों में पहले से ही मौजूद हैं ! और आसानी से मिल भी जाती हैं ! हम इन सब “नीम, तुलसी, छोटी पीपर, सोंठ का प्रयोग करके दवा बना सकते हैं ! मच्छरों को भगाने के आसान व सुरक्षित घरेलू उपाय 

अधिक जानकारी के लिए राजीव दीक्षित जी का यह वीडियो जरुर देखें  >>

दोस्तों आशा है कि आप सब को यह डेंगू बुखार की जानकारी अच्छी और उपयोगी लगी होगी ! इससे आप किसी की जान तो बचा ही सकते है ! और साथ में उसका पैसा भी बचा सकते हैं ! तो 

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