चमकी बुखार Viral Encephalitis क्या है, इसके लक्षण, कारण और उपचार

चमकी बुखार Viral Encephalitis के बारे में जानकारी
Spread the love

चमकी बुखार Viral Encephalitis क्या है, इसके लक्षण, कारण और उपचार

चमकी बुखार Viral Encephalitis के बारे में जानकारी से पहले हम ज्वर यानि बुखार के बारे में कुछ जानकारी ले लेते हैं ! मित्रो दुनिया में जितने भी रोग हैं उन सब में बुखार को एक लक्ष्ण के रूप में सबसे खतरनाक बीमारी माना जाता है ! और आयुर्वेद में भी इसको सबसे पहले स्थान पर रखा है ! यह बीमारी बहुत ही खतरनाक है ! वो आयुर्देव में दिए इसके पर्यावाची शब्दों से पता चलता है ! आयुर्वेद में इसके कुछ पर्यावाची शब्द दिए गये हैं ! जो हैं पाप्मा, म्रत्यु, ओझनाश्क आदि ! और इसी बुखार का खतरनाक रूप हम कई बार देख चुके है ! कभी यह मलेरिया, तो कभी डेंगू और टाईफायड जैसे भयानक रूप में सामने आता है ! लेकिन अब यह बुखार एक और रूप धारण कर चूका है वो है चमकी बुखार Viral Encephalitis !

चमकी बुखार पिछले दो या तीन सालों से लगातार हर वर्ष मई, जून व जुलाई के महीने में आता है ! और हजारों की संख्या में बच्चे इससे प्रभावित होते हैं ! इसके आलावा यह सेंकडों बच्चों की जान भी ले चूका है ! हमारा सरकारी तन्त्र भी कुछ कर नही पाता ! आये दोस्तों इस बुखार के लक्षणों के बारे में बात कर लेते हैं !

चमकी बुखार के लक्ष्ण और कारण :-  

चमकी बुखार Viral Encephalitis यानि “एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम” इसका अर्थ है ब्रेन में सुजन हो जाना ! या आम भाषा में इसको दिमाग में सुजन आ जाना ! दोस्तों इसको हम एक तरह से दिमागी बुखार भी कह सकते हैं ! जब ही किसी बीमारी में आइटीस शब्द का प्रयोग किया जाता है, तो इसका सीधा मतलब है कि वो कोई एन्फ्लामेशन से हुई है ! जब भी चमकी बुखार Viral Encephalitis होता है, तो सबसे पहले इसके लक्ष्ण सामने आते हैं !

जैसे कि :- अचानक बहुत तेज बुखार होना, हाथ व पैरों में जकडन होना, सारा शरीर कंपने लगता है ! बच्चा बेहोस हो जाता है ! सारे शरीर पर लाल रंग के दाने और चकते होने लगते हैं ! बहुत ज्यादा डीहाईड्रेषन होना आदि ! कैल्शियम की कमी भी एक बढ़ा कारण हो सकती है ! और जब चमकी बुखार Viral Encephalitis बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो इससे रोगी में होश खोना, झटके आना या दौरे होना और कई बार रोगी कोमा में भी जा सकता है !

आयुर्वेद में इसके बारे में क्या कहा है ?

मित्रो आयुर्वेद में सभी बिमारियों को वात पीत और कफ में बांटा गया है ! इस दुनिया में कोई भी बीमारी हो सब इन तीनों के संतुलन की वजह से ही होती हैं ! फीवर या बुखार के बारे में आयुर्वेद में एक शलोक भी निहित है ! जिसको महान आयुर्वेदाचार्य वाग्भट जी ने कहा है !इसका सीधा सा मतलब है, जो हमारे शरीर में गर्मी है या ज्वर है ! वो पित के बिना सम्भव नही ! कहने का अर्थ यह है कि जब भी शरीर में गर्मी बढ़े गी, तो इसका मुख्य कारण पीत में असंतुलन होगा ! क्योंकि बुखार कभी भी बिना गर्मी के होता नही, यह सब जानते हैं !

इसलिए सभी तरह के बुखारों में पित ही जिमेवार होता है ! जब भी बुखार के लक्ष्ण दिखें तो हमे शरीर में गर्मी करने वाली चीजों का परहेज करना चाहिए ! चमकी बुखार Viral Encephalitis भी पित दोष के कारण ही होता है ! क्योंकि जब पित विषम हो जाता है, इससे शरीर में सुजन की समस्या हो जाती है ! आये इस चमकी बुखार Viral Encephalitis के आयुर्वेदिक और होम्योपैथी इलाज के बारे में जान लेते हैं !

चमकी बुखार Viral Encephalitis का आयुर्वेदिक इलाज :-

चमकी बुखार Viral Encephalitis के इलाज के लिए जो औषधियाँ पित को ठीक करती है ! वो इसके लिए बहुत ही उपयोगी मानी गई हैं ! आये इसके बारे में जान लेते हैं ! सबसे पहले जो औषधी है, उसका नाम है आम्रिता यानि गिलोय, दूसरा नीम की छाल, पदम कास्ट, इसके अलावा धनिया व अन्तिम है लाल चन्दन ! ये सभी औषधियां आपको बढ़ी ही आसानी से, किसी भी पंसारी या क्रयना दुकान पर बहुत ही सस्ते में मिल जाती हैं !

औषधि को बनाने की विधि :- ऊपर बताई औषधियों को 20-20 ग्राम की मात्रा में ले लीजिये ! इन सब को अच्छे से पीसकर पौडर बना लें ! और अब पौडर में से 10 ग्राम पौडर लेकर इसको एक लिटर पानी में अच्छे से उबल लें ! इसको इतना उबालें की पानी आधा रह जाए ! इसको रूप टेम्प्रेचर में ही रखें बड़ों के लिए चार चमच, और बच्चों को इस औषधि के दो चमच दिन में दो से तीन बार दे सकते हैं ! अगर आपको यह बहुत ज्यादा कडवी  लगती है, तो इसमें आप मिश्री मिला सकते हैं ! क्योंकि यह मीठी भी होती है और बुखार में भी आराम देती है ! चमकी बुखार Viral Encephalitis या अन्य तरह का कोई भी बुखार इससे ठीक हो जाता है !

चमकी बुखार Viral Encephalitis का होम्योपैथीक इलाज :-

मित्रो जब भी बच्चे के दिमाग में इन्फेक्शन हो जाता है ! किसी भी वायरस के कारण जिससे दिमाग में सुजन आ जाती है ! इस कंडिशन को एक्यूट वायरस इंसेफ्लाइटिस कहते हैं ! अगर आपके आस पास एैसा वायरल इन्फेक्शन फैला हुआ है, तो आपको डरने की आवश्यकता नही ! इससे बचने के लिए आप अपने बच्चे को होम्योपैथी की VARIOLINUM 200 CH इससे बचाव के लिए सबसे इफेक्टिव दवाई है ! यह दवा हर रोज एक बून्द किसी भी समय दिन में एक बार दें ! इससे आपके बच्चे को वायरस इंसेफ्लाइटिस या चमकी बुखार Viral Encephalitis बिलकुल भी नही होगा ! इसके आलावा आप INFLUENZINUM 200 CH देने से भी वायरस इंसेफ्लाइटिस नही होता है ! इसको आप एक से दो महीने तक दे सकते हैं ! क्योंकि जब तक आपके आस – पास बुखार का प्रभाव खत्म नही होता, तो उससे बचने के लिए इस औषधि को इतने दिन देना पड़ सकता है !

चमकी बुखार Viral Encephalitis
homoeopathic-medicine-for-hamki-bukhar

चमकी बुखार Viral Encephalitis हो जाए तो क्या करें 

अगर किसी बच्चे को चमकी बुखार Viral Encephalitis हो गया है ! तो उसको यह VARIOLINUM 30 CH की एक बून्द सुबह और श्याम देते रहें ! आप अन्य दवाओं के साथ भी इसको दे सकते हैं ! इसका कोई दुष्प्रभाव नही होता ! इसके साथ -साथ आप अपने बच्चे को EUPATORUM PERFOLITUM 30 CH भी दें ! यह बुखार और वायरल फीवर के लिए बहुत ही अच्छी औषधि है ! इसकी हर दो घंटे में दो – दो बूंदें चमकी बुखार Viral Encephalitis वाले बच्चे हो देते रहें ! इन दोनों दवाओं को लगातार 15 से 20 दिनों तक देते रहें ! इन दवाओं का प्रयोग करने से आपका बच्चा स्वस्थ हो जाएगा और इनका कोई भी दुष्प्रभाव भी नही होता !

इसे भी पढ़ें :- जाने जीरे का पानी पीने के 10 फायदे

बुखार आने पर यह सावधानियां जरुर रखें  

जब भी बच्चों को चमकी बुखार Viral Encephalitis हो तो हमेशा चोकना रहना चाहिए ! आप बिना देरी किये अपने आस – पास के किसी भी अच्छे डॉक्टर की सलाह लें ! और यदि आपको लग रहा है कि बच्चे को बुखार बहुत तेज हो रहा है ! तो उसके शरीर को ठंडा करने के लिए गीली पट्टी का प्रयोग करें ! आप गीली पट्टी से मरीज का सारा शरीर पोंछते रहें ! इस से शरीर का तापमान सामान्य होने लगता है ! अगर आप इसके लिए बर्फ का पानी प्रयोग करें तो और भी अच्छे परिणाम मिलते हैं ! और ये ठंडी पट्टी बुखर को सिर में नही जाने देती !

इसे भी पढ़ें :- गर्मियों में कैसे रखें अपना ध्यान 

कुछ अन्य घरेलू उपाय

कोई भी दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना प्रयोग ना करें !

बच्चे को लिक्विड अधिक मात्रा में देते रहें जैसे कि आप ORS या निम्बू की सिकंजी और फिल्टर पानी या उबले पानी का ही प्रयोग करें !

जब भी चमकी बुखार Viral Encephalitis हो तो बच्चों को कभी भी धूप में ने लेकर जाएं, उन्हें हमेशा ठंडी और छाया वाले स्थान पर ही रखें ! अगर A.C. कमरा हो तो और भी अच्छा !

बेहोशी की हालत में बच्चे को कुछ भी खिलाने की कोशिस ना करें, एैसा करने से खाना बच्चे की साँस वाली नली में फस सकता है !

बहुत तेज बुखार होने पर बच्चों के कपड़े उतार दें या हल्के सफेद कपड़े ही पहनाएँ !

मरीज के आस – पास ज्यादा शोर गुल ना करें ना किसी को करने दें ! रोगी को पूरा रेस्ट मिलना चाहिए जिससे वह जल्दी ठीक हो सके

आशा है आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी, तो जनजागरण के लिए इसे अपने Facebook और WhatsApp पर अवश्य शेयर करें !

एैसी ही अच्छी अच्छी जानकारी के लिए Like करें हमारे पेज Rajiv Dixit Patrika को।

और एैसी ही अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी के लिए ग्रुप ज्वाइन करें। जुडें हमारे फेसबुक ग्रुप से क्लिक करें                           जीवन का आधार आयुर्वेद पर ! धन्यवाद  

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2019 Rajiv Dixit Patrika |