सीमेंट टेक्नोलॉजी अच्छी या चुना टेक्नोलॉजी ? सीमेंट और चुने की आयु में 5 से 500 का अंतर है

सीमेंट टेक्नोलॉजी what is cement
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सीमेंट टेक्नोलॉजी अच्छी या चुना टेक्नोलॉजी ? सीमेंट और चुने की आयु में 5 से 500 का अंतर है

सीमेंट टेक्नोलॉजी अच्छी या चुना टेक्नोलॉजी आज इस पर विचार करेंगे !  मित्रो लोग घर बनाते समय बहुत तगड़ी – तगड़ी तैयारी करते हैं, कि कौनसा सीमेंट प्रयोग करना है ! कौनसा सरिया इस्तेमाल करना है, पता नही कौनसा – कौनसा मैटिरियल रंगाई और पुताई में प्रयोग करते रहते है ! लेकिन क्या आपको पता है ? ये जो मैटिरियल आप प्रयोग कर रहे हो यह कितने साल चलेगा ? और क्या यह भुकंप बारीस और तुफानो से हमारी सुरक्षा कर पाएगा ? और क्या हमारे बाद हमारे बच्चे भी इसका प्रयोग कर पाएंगे ? इन सभी प्रश्नों का उतर हमे कहीं और नही बल्कि अपने इतिसाह से मिल जाता हैं ! हमें अपने इतिहास में एैसी – एैसी टेक्नोलॉजी मिलती है, जिनके आधार पर बनाए गये हजारों साल पुराने घर और महल आज भी आपको यों के यों देखने को मिलते हैं ! उनमे कोई दरार नही और किसी अन्य प्राक्रतिक आपदा का भी भय नही !

लेकिन दोस्तों आज जो टेक्नोलॉजी हम प्रयोग कर रहे हैं, यानि यह अग्रेजों द्वारा थोपी गयी सीमेंट टेक्नोलॉजी, इसमें मकान तो क्या यहाँ तक कि पुल भी बनाते समय ही गिर जाते है, इस लिए यह सीमेंट टेक्नोलॉजी बहुत खराब है !  आए इसके बारे में और अच्छे से जान लेते है !

सीमेंट टेक्नोलॉजी के बारे में कुछ वैज्ञानिक तथ्य :-

दोस्तों क्या आपको पता है ? जो सीमेंट टेक्नोलॉजी हम घर बनाने में प्रयोग कर रहे हैं, यह अधिक से अधिक कितने साल चला है ? मित्रो यह लगभ 100 साल तक ही टिक पाता है ! वो भी बहुत मुश्किल से, बहुत बार तो यह सिर्फ पाँच साल में ही क्रेक होकर गिर जाता है ! यानि यदि इसकी सही ढंग से आयु सीमा निर्धारित करें तो यह 5 साल भी नही है ! आपने देखा भी होगा कि चाहे जितनी मर्जी अच्छी बिल्डिंग बनी हो उसमे एक या दो साल बाद ही क्रेकक्स दिखने लगते हैं ! इस लिए कई वैज्ञानिकों का कहना है, कि अगर क्रेक्स के आधार पर देखा जाए तो सीमेंट की जिन्दगी 5 साल और जब तक सारी बिल्डिंग खंड – खडं टूट जाए तो सिर्फ 100 साल ही सीमेंट की जिन्दगी मानी है ! what is cement

चुने के बारे कुछ वैज्ञानिक तथ्य :-

मित्रो आपने कभी भारत के पुराने किले देखें है ? राजस्थान में बहुत से एैसे किले है, जैसे कि आमिर का किला, जोधपुर का एक किला, जेसलमेर का किला और चितोड़गढ का किला आदि ! क्या आपको पता है ? इन सभी किलों को बनाने में किस मैटिरियल का प्रयोग हुआ है ? जी हाँ आपने सही सोचा चुने का प्रयोग हुआ है ! अगर हम चुने और सीमेंट की उम्र की तुलना करें तो जैसाकि आपने ऊपर पढ़ा सीमेंट की आयु 5 से अधिकतम 100 साल है ! उसके बाद यह खत्म हो जाती है, लेकिन इसके विपरीत चुना कम से कम 500 और अधिक से अधिक 2500 से 3000 साल तक आराम से चल जाता है ! क्योंकि ये राजस्थान के सारे किले चुने से बने है ! इन किलों में कोई 1 हजार साल पुराना है, कोई 2 हजार साल पुराना है ! और आज तक इनमे कोई दरार तक नही आई, हाँ पथर अलग होकर गिर जाएगा लेकिन दरार नही आती यह कमाल है चुने का ! कम्पोस्ट या जैविक खाद बनाने की आसान विधि यहाँ सीखें 

भारत में चुने से घर बनाने क्यों बन्द कर दिए :-

क्या आप जानते है ? सीमेंट और चुना का जो कच्चा मैटिरियल है वो एक ही है ! सिर्फ इनके बनाने कि तकनीकी मे अंतर है ! चुन जो है वो भारत तकनीकी है ! और सीमेंट टेक्नोलॉजी योरोप की अब आपके मन में एक प्रश्न आएगा कि जब यह चुना इतना अच्छा है ! तो हम चुने से ही घर क्यों नही बनाते ? मित्रो आज से 100 साल या 150 साल पहले भारत में चुने से ही घर बनाते थे ! और जो भारतवासी थोड़े गरीब होते थे वो मिटटी से ही घर बनाते थे ! लेकिन अब सब सीमेंट से ही घर बनाते है ! इसका भी बड़ा कारण है, हमारे पूर्वजों ने जिस टेक्नोलॉजी को खड़ा करने में हजारों साल लगा दिए अंग्रेजों ने सन 1850 में हमारी उस टेक्नोलॉजी को बैन कर दिया ! और चुना बनाना गैरकानूनी बना दिया ! सीमेंट टेक्नोलॉजी का कानून पास कर दिया ! इसके बाद हुआ क्या जो भी लोग चुने से घर बनाते तो अंग्रेज सरकार उन्हें जेल में डाल देती थी, उनके घर तोड़ दिए जाते थे ! और जो लोग सीमेंट टेक्नोलॉजी से घर बनाते थे तो उनके घर का अप्रिसियेसन यानि प्रमाणिक माना जाता था !

इसका एक बढ़ा कारण यह भी था कि अंग्रेजो को भारत में आपनी कम्पनियों का बना सीमेंट बिकवाना था ! तो इस लिए अंग्रेजों ने चुना की इंडस्ट्री को खत्म कर दिया ! आपको पता है चुना की तकनीकी और सीमेंट टेक्नोलॉजी का कच्चा माल एक ही है ! तो अंग्रेजों ने भारत का सारा कच्चा माल पानी के जहाजों में भर – भर कर इंग्लेड भेज दिया, और वहाँ का बना सीमेंट टेक्नोलॉजी यहाँ बेचने के लिए आता था ! तो इस तरह हमे चुना मिलना ही बन्द हो गया और सीमेंट उन्होंने आसानी से उपलब्ध करवा दिया !

चुना बनाने की आसान विधि :-

भारत में पहले चुना बनाने के छोटे छोटे केंद्र होते थे लग भग हर गाँव में एक तो होता ही था ! चुना बनाने में कोई मशीन नही लगती यह आसानी से बन जाता था ! बस एक पाँच या छ : फिट का घहरा गड्डा बनाकर उमे एक सर्कुलर पथर का पहिया घुमाया जाता था ! उसमे ही सारा चुना बनाने का कच्चा माल डाला जाता था ! और उस पर यह पथर का पहिया घुमाया जाता था ! और इसमें थोडा – थोडा दूध मिलाया जाता था ! और इस को एक बैल द्वारा घुमाया जाता था ! एैसे ही कर करके 20 से 25 दिनों में यह चुना तैयार हो जाता था ! और जब इसको घर या कोई भी इमारत बनाने में इस्तेमाल करते, तो यह दो से अडाई हजार साल आराम से चलता है ! ये थी भारत की टेक्नोलॉजी ! इस लिए अंग्रेजों ने चुना बनाने के ये सार केन्द्र बन्द करवा दिए ! और इस तरह आज से 150 साल पहले ही चुना बनना बन्द हो गया ! और इसके बदले अंग्रेजों ने सीमेंट टेक्नोलॉजी के चालु कर दी ! और आज भी सीमेंट कारखाने भारत में उसी सीमेंट टेक्नोलॉजी प्रयोग कर सीमेंट बना रहे है ! और लोगों को बेच रहे हैं !

सीमेंट टेक्नोलॉजी से सीमेंट बनाने की विधि ( how concrete is made ):-

जो सीमेंट टेक्नोलॉजी है, वो बहुत ही कठिन है ! क्योंकि उस टेक्नोलॉजी के लिए सबसे पहले बहुत एनर्जी चाहिए ! यानि बहुत बढ़ी मात्रा में बिजली चाहिए ! उस जमाने में बिजली इतनी ज्यादा नही थी ! और जबकि चुना बनाने में किसी तरह भी बिलजी का प्रयोग होता ही नही था ! और भारत के लोगों ने दिमाग लगाकर यह टेक्नोलॉजी विकसित कि थी ! और इसके विपरीत मुर्ख अंग्रेजों ने एक एैसी सीमेंट टेक्नोलॉजी लाई जो बिना बिजली के हिलती भी नही थी, चलना तो बहुत दूर की बात है ! अब सीमेंट चाहिए तो बिजली चाहिए और बिजली चाहिए तो कोयला और पानी दोनों ! कैसी बेकार सीमेंट टेक्नोलॉजी है ये ! और अब जरा सोचो और विचार करो कि कौनसी टेक्नोलॉजी ज्यादा अच्छी है ! बिजली लगाकर, कोयला लगाकर और पानी भी लगाकर जिससे भूकंप का भी खतरा भी बना जाता है ! वो टेक्नोलॉजी अच्छी है या सिर्फ दो पथर को आपस में जोडकर बनाई गयी टेक्नोलॉजी ! जिसमे कोई बिजली नही लगती, कोई प्राक्रतिक आपदा का खतरा नही, वो अच्छी है !

और तो और मजबूती की तो कोई टक्कर ही नही ! भारत की यह टेक्नोलॉजी सस्टनेबल जो प्रक्रति का ख्याल रखकर बनाई गयी है ! और यूरोप की जो टेक्नोलॉजी है वो प्रक्रति के विपरीत है ! जो टेक्नोलॉजी प्रक्रति के खिलाफ होती है वो ज्यादा दिन तक नही चलती ! सौ या दो सौ साल ही चल पाती है ! लेकिन जो प्रक्रति का ख्याल रख कर चलती है वह बहुत लम्बी चलती है ! तो चुना बहुत अच्छा है सीमेंट इसके सामने कुछ भी नही !

अधिक जानकारी के लिए राजीव दीक्षित जी का यह वीडियो देखें >>

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