पानी पीने का नियम, मात्रा व सही समय क्या है ? अभी जाने

पानी पीने का नियम और समय व मात्र
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पानी पीने का नियम, मात्रा व सही समय क्या है ? अभी जाने

पानी पीने का नियम और समय व मात्र के बारे में आज हम विचार करेंगे ! दोस्तों यह बात ध्यान रखने योग्य है कि शरीर में जब भी कोई विकार यानि रोग आता है, तो उसके लिए सबसे बढ़ी जिमेदारी होती है वात, पित और कफ की ! और इन तीनो का संतुलन जुडा है, पानी पीने के तरीके, समय, मात्र से ! यदि हम पानी सही ढंग से और सही समय पर नही पी रहे तो हमे बहुत सी बिमारियों से जूझना पड़ता है ! पानी के लिए हमारे आयुर्वेद में बहुत ही स्टिक सूत्र दिए गए हैं !

महऋषि वाग्भट जी के अनुसार पानी पीने का नियम :-

भारत में बहुत से महऋषियों ने आयुर्वेद में शोध किये हैं ! उन्ही में से एक महऋषि हैं जिनका नाम है महऋषि वाग्भट ! इन्होने एक पुस्तक लिखी है जिसका नाम है “अष्टांग हृदयम”, इसमें उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए 7000 सूत्र नहित किये है! जिनमे से पानी पीने का नियम भी एक  है ! वाग्भट जी इसके बारे में कहते है कि “भोजनान्ते विषं वारी” यह संस्कृत भाषा का शब्द है ! जिसका अर्थ है कि भोजन के अंत में पानी विष यानि जहर के सामान है! उनका कहने का अभिप्राय यह है कि खाना खाने के तुरन्त बाद हमे कभी भी पानी नही पीना चाहिए ! इससे बहुत सी बीमारियाँ जन्म लेती हैं ! और जो वात,पीत और कफ के रूप में उभरती है !

अष्टांग हृदयम में पानी पीने का नियम या सूत्र पहले स्थान पर क्यों ?

महऋषि वाग्भट जी ने पानी पीने का नियम  उनकी पुस्तक में सबसे पहले स्थान पर नहित किया ! यह सूत्र ही सबसे पहले क्यों दिया है ? वे कहते हैं कि हमे खाना खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी नही पीना चाहिए ! पर 90 % लोग है जो खाने के बिच में पानी पिए बिना रह नही सकते, उन्होंने पानी पीने का नियम खत्म कर दिया है ! और वे बिमारियों का शिकार हो रहे हैं ! वाग्भट जी कहते हैं कि हमारे पुरे शरीर का केंद्र पेट है ! और पेट से ही पूरा शरीर चलता है !

हम जो मर्जी खाएं यह सब हमे भोजन के रूप में उर्जा प्रदान करता है !और इसी उर्जा से हमारा शरीर चलता है !पेट ही भोजन की उर्जा को आगे भेजता है यानि आगे ट्रांसफर करता है ! आप जो भी खाते है पेट ही उसको उर्जा का आधार देता है!हमारे पेट में एक छोटा सा स्थान है, जिसको हिंदी में आमाश्य और संस्कृत में जठर और इसको इंग्लिश में इसको Epigastrium कहते हैं !यह आमाश्य एक थैली के सामान होता है !यही वह स्थान है जहाँ पर हमारा खाया हुआ सारा भोजन इक्कठा होता है !

खाना खाने के तुरन्त बाद पानी पीने से क्या होता ?

अब यह समझ लेते है कि खाना खाने के बाद पानी पीने से क्या होता   है ? जैसे ही हम खाना खाते हैं, तो यह सब आमाश्य में पहुँचता है ! और एक विषेस तरह की अग्नि इसमें प्रज्वलित होती है ! जिसको हम जठराग्नि भी कहते है ! यह ठीक एैसी ही आग है, जैसी हम खाना बनाने के लिए जलते है ! और भोजन पकाते हैं एैसे ही जठराग्नि भोजन को पचाने का काम करती है ! यह सब भगवान के द्वारा हमारे अंदर बनाया होता है, यानि प्रक्रति रूप में होता है !हम ने जैसी एक निवाला खाने का अंदर मुहँ में लिया तो उसी टाइम यह जठराग्नि प्रदीप्त हो उठती है ! और यह हमारे लिए उतनी ही जरूरी है जितनी एक रसोई गैस खाना पकाने के लिए होती है !

मान लें कि हमने रसोई गैस पर एक बर्तन में हम कुछ चावल और दूध पकने के रख दिया ! और थोड़ी देर में उस पर ठंढा पानी ढाल दिया जाए तो क्या होगा ? आप अच्छे से जानते हैं, ठीक एैसा ही हमारे पेट की स्थिति होती है !हमने जैसे ही खाना खाया तो हमारे पेट में जठराग्नि जल उठती है ! और यह लग भग 1 घंटा 45 मिनट तक चलती रहती है ! यदि हमने उस पर ठंडा ठंडा पानी घटा घट उड़ेल दिया तो क्या होगा ? आप अच्छे से जानते है यानि आग भुज जाएगी और हमारा खाया हुआ भोजन नही पचेगा ! और जब भी एैसा होता है, तो खाने को पचने वाली किर्या रुक जाती है ! फिर इससे क्या होता है ? यदि भोजन पचेगा नही तो सड़ेगा !

आयुर्वेद के अनुसार जठराग्नि जलेगी तो खाना पचेगा और खाना पचेगा तो रस में बदलेगा और जो रस बनता है ! उसी से हमारे शरीर में मांस, रक्त, वीर्य, हड्डी और मल मूत्र बनता है ! यह सब तब होता है जब सारा खाना पचेगा !ये सब हुई खाने पचने की बात कि खाना पचेगा तो क्या क्या बनेगा ?

पानी पीने से खाना नही पचे तो क्या होगा ? अगर खाना नही पचेगा तो सड़ेगा और शरीर में जहर उत्पन होगा और यह जहर अनेकों बिमारियों को जन्म देगा ! सबसे पहले जो विष इससे बनेगा वह है यूरिक एसिड (URIC ACID) ! यह इतना खतरनाक है कि इससे आपके शरीर के सारे जोड़ों में दर्द शुरू हो जाएगा ! आप भाग कर डॉक्टर के पास जाओगे और इसको कम करने के लिए दवाइयाँ भी बहुत खानी पड़ेंगी !

यह यूरिक एसिड एैसी बीमारी है कि इसमें आप दो  कदम भी चल नही पाओगे ! इसलिए आप को बिस्तर में ही सड़ना पड़ेगा ! यूरिक एसिड इतना खराब विष है !इसके अलावा और भी बहुत से उदाहरण हैं जैसे कि खाना पेट में सड़ने से LDL (Low Density Lipoprotive) कोलेस्ट्रोल(Cholesterol ,HIGH BP, VLDL(Very Low Density lipoprotive) Triglycerides जब भी डॉक्टर आपको कहे की आपका Triglycerides बढ़ा हुआ है ! आप मान लीजिए कि आपके शरीर मे विष निर्माण हो रहा है !

और एैसे विष 103 की संख्या में होते हैं ! सभी विष तब बनते है जब खाना पेट में सड़ता है !

दोस्तों जिन्दगी में हमे इस बात का बहुत ध्यान रखना चाहिए कि जितना जरूरी खाना खाना है ! उतना ही जरूरी खाने को पचाना भी है ! और यह पानी पीने का नियम ही इसको सम्भव कर सकता है !आप ने कितना खाया और क्या खाया ? यह महत्व नही रखता बल्कि यह महत्व रखता है कि उसमे से कितना पचाया ? तो इस लिए महऋषि वाग्भट जी ने कहा है कि “भोजनान्ते विषं वारी” इस लिए खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी पीने का प्रावधान नही  !

भोजन के बाद पानी पीने का सही समय क्या है :-

इसमें एक सवाल निकल कर आता है कि हमे भोजन करने के कितनी देर बाद पानी पीने का प्रावधान ? दोस्तों वाग्भट जी ने बताया है कि लग भग 1घंटा और 45 मिनट तक उदर में यानि पेट में जठराग्नि जलती है ! तो हमे खाने के बाद इतने समय तक पानी नही पीना चाहिए !क्योंकि इस समय में भोजन को पेस्ट में बदलने की किर्या चलती है ! लेकिन जो लोग ज्यादा मेहनत करते हैं, जैसे खेती करने वाले, रिक्शा चलाने वाले या कोई भी ज्यादा मेहनत का काम करने वाले हैं, आप 1घंटे के बाद पानी पी सकते हैं ! और यदि आप कहें कि हम तो खाना बिना पानी के नही खा सकते हमे तो खाना अटकता है !

खाया नही जाता इस समस्या का समाधान भी है वो क्या है ? पानी पीने से बचने के लिए आप सुबह अपने खाने के साथ जूस पी सकते है ! दोपहर के खाने में दही या लस्सी पी सकते हैं ! और रात के समय आप खाने के साथ दूध पी सकते हैं ! ये सब पीने से आपकी जठराग्नि प्रभावित नही होती ! इसलिए ये सब आप आराम से खाने के साथ ले सकते हैं !

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पानी पीने के बाद शरीर से बाहर आने में कितना समय लेता है :-

अगर आपको खाने से पहले पानी पीने की इच्छा है, तो कम से कम 45 मिनट पहले पियें ! क्योंकि जब हम पानी पिते हैं, तो इसको सारे शरीर में पहुंचने में लग भग 45 मिनट का समय लगता है ! अब आप पूछेगे कि इतना समय ही क्यों लगता है ? आप को बतादें कि पानी सारे शरीर के अंगों तक जाने के बाद मूत्र पिंड में जाता है ! और वहाँ तक जाने में पानी को इतना समय लग जाता है ! इस लिए पानी हमेशा खाना खाने से 45 मिनट पहले ही पियें !एैसा करने से हम अपने आपको बहुत सी बिमारियों से बचा सकते हैं !

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पानी पीने का नियम, तरीका, मात्रा की अधिक जानकारी के लिए राजीव दीक्षित जी का यह वीडियो जरुर देखें  >>

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