Natural Antibiotic 10 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के फायदे

Natural Antibiotic 10 आयुर्वेदिक जड़ी – बूटियों के
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Natural Antibiotic 10 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के फायदे

 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी – बूटियों के फायदे जानने से पहले हम आयुर्वेद के बारे में बात कर लेते हैं ! मित्रो आज तक यह कोई नही बता पाया कि आयुर्वेद कितना पुराना है ! और इसमें कितनी लाखों आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां समाहित हैं ! यह सबसे पुराने ग्रन्थों में से एक है ! यह आयुष और वेद का एक समाहित रूप है ! इसमें ज्ञान के साथ – साथ औषधीय गुणों की जानकारी भी विद्यमान है ! जिसके द्वारा मनुष्य न सिर्फ अपने शरीर को ठीक कर सकता है, अपितु अपनी बुद्धि को भी सिद्ध कर सकता है ! लेकिन आजकल की इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में हमे सब कुछ बहुत जल्दी चाहिए ! इस लिए अब लोगों का रुझान आयुर्वेद को छोडकर एलोप्थिक की तरफ अधिक हो गया है !

लेकिन इसके विपरीत प्रभावों को अनदेखा भी नही किया जा सकता ! और इसके ऊपर धन का खर्च भी बहुत ज्यादा करना पड़ता है ! लेकिन एलोप्थिक की तुलना में हमे आयुर्वेद के कुछ नियमों का पालन करके, और हमारे आस पास ही उपलब्ध वस्तुओं का प्रयोग करके रोगों को खत्म किया जा सकता है ! बस उनका प्रयोग सही ढंग से करना सीखना होता है ! इससे बीमारी का जड से इलाज समभव है ! लेकिन एलोप्थिक आपको जीवन भर खानी पडती है ! और बीमारी कभी भी जड से खत्म नही होती ! तो मित्रो आज अपाने आस-पास में ही उपलब्ध कुछ महत्वपूर्ण औषधियों के बारे में बात कर लेते हैं !

10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में जो पहले स्थान पर है :-

1 पुनर्नवा :- यह आयुर्वेद की बहुत ही सुप्रसिद्ध और औषधी       है ! इसको संस्क्रत में सोख्दनी के नाम से भी जानते है, और इसका वर्णन करते हैं ! ग्रामीण भाषा में इसको सांठी भी कहते है ! इसके नाम से ही इसके गुण का पता चलता है ! इसका सेवन मनुष्य को नवीनता प्रदान करता है ! और साथ – साथ रोगों  से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है ! इस लिए इसका नाम आयुर्वेद में पुनर्नवा रखा गया है !

प्रयोग :- मित्रो इसके पत्तों को पीसकर, थोड़ी मिश्री मिलाकर सरबत बनाकर पीने से पाचनक्रिया ठीक होती है ! और यह शरीर की सुजन को कभी करने की अक्षमता रखता है !

यह औषधि विरेचक भी है, यानि यह पेट की सफाई भी अच्छी तरह से करती है ! जिसको कब्ज की समस्या हो वह इसको ले तो समस्या ठीक हो जाती है !

क्योंकि यह एक अच्छा विरेचक है, तो यह किडनी के रोगों की भी उतम औषधि है !

यह पथरी रोग में भी सहयक होता है !

2 कचनार :-

मित्रो इसको 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की श्नख्ला में बहुत ही उतम स्थान प्राप्त है ! यह एक विशालकाय व्रक्ष के रूप में पाया जाता है, जो औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है !

मुहँ के छलों में यह एक रामबाण औषधि है ! पेट की गर्मी या अन्य कारणों की वजह से मुहँ में छाले पड गये हों ! तो कचनार की छोल को अच्छे से कूट कर इसको 200 ml पानी में तब तक पकाएं जब तक यह आधा नही रह जाता ! और इस पानी को छानकर इससे गरारे करें ! इससे दिने में 2 बार करें, मुहँ के छाले की समस्या खत्म हो जाती है !

दस्त में भी इसके प्रभावशाली परिणाम मिलते हैं ! 3-3 ग्राम  पानी के साथ सुबह श्याम लेने से अच्छे परिणाम मिलते हैं  !

प्रम्यह रोगों यानि स्वप्नदोष में भी इसके बहुत ही अच्छर परिणाम मिलते है !

दांतों की समस्या को भी यह दूर करता है, जैसे दांतों का हिलना या दर्द को यह बहुत जल्दी ठीक कर देता है !

3 अनार :-

अनार को कौन नही जानता, सायद ही कोई एैसा हो जिसने कभी अनार न खाया हो या न देखा हो ! दोस्तों यह लाल रंग का फल औषधीय गुणों से परिपूर्ण है ! अनार के सेवन से रक्त की कमी दूर होती है ! और इसका छिलका भी बहुत उपयोगी होता है ! यह महिलाओं में मासिक पाडी के समय ज्यादा रक्त जाने की समस्या को ठीक करता है !

अनार का जूस डेंगू , चिकनगुनिया और अन्य तरह के बुखर में  बहुत ही अच्छे परिणाम देता है ! इसके सेवन से प्लेट्स एक दम बढ़ जाते हैं ! इस लिए इसको 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल है !

4 धतुरा :- 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में अगर इसको सर्वोच स्थान पर रखें तो अतिशयोक्ति न होगी ! क्योंकि यह बहुत ही उतम औषधीय गुणों से भरपूर है !

कान के रोगों में यह रामबाण इलाज है ! कान में दर्द, सुजन और किसी भी तरह की फंगस को यह ठीक कर सकता है !  50 ml धतूरे का रस 10 ग्राम लहसुन और 25 ml सरसों का तेल ! इनको मिक्स करके तब तक गर्म करें, जब तक धतुरा रस जल नही जाता ! अब इसको काँच की शीशी में भरकर रखें ! और एक – एक बून्द प्रयोग करे ! इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है !

धतूरे की पत्तियों को पानी में उबालकर इससे सिर धोने से जुवें खत्म हो जाती हैं !

अस्थमा में भी इसके बीज बहुत ही लाभकारी परिणाम देते हैं ! इसके बीज और पत्तियों की भस्म बनाकर एक – एक ग्राम शहद के साथ लेने से कफ और अस्थमा दोनों दूर होते हैं !

नोट :- धतूरे का अधिक सेवन न करें यह जानलेवा भी हो सकता है !

5 अपामार्ग :- यह औषधीय गुणों से परिपूर्ण है, और यह लगभग सारे देश में पाया जाता है ! इसको ग्रामीण भाषा में त्रिचता भी कहते हैं ! मित्रो यह किडनी रोग में बहुत ही लाभ देता है ! इसके पुरे पौधे को 5 ग्राम की मात्रा में 200 ml पानी में इतना उबालें की यह 50 ml रह जाए ! इसको छानकर पियें यह बहुत ही अच्छे परिणाम देता है !

यह पथरी की समस्या में भी बहुत लाभकारी है !

इसके बीज के सेवन से खूनी बवासीर, और महिलाओं में मासिक पाडी के समय  में अधिक रक्त जाने  की समस्या पर यह महत्वपूर्ण औषधि है।

अपामार्ग में मोटापे को दूर करने के विशेष गुण हैं ! मोटापे में इसकी पत्तियों का चूर्ण बहुत अच्छे परिणाम देता है !  यह विशेषकर महिलाओं में मोटापे के लिए अच्छा लाभ देता है ! इस लिए इसको इन 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में स्थान हासिल है !

6 अडूसा :- इसका पौधा 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में आता है ! मित्रो अस्थमा में यह रामबाण औषधि है ! इसके पुरे पौधे को अच्छे से पानी में धोकर छाँव में रखकर सुखा लें !अब इस सूखे हुए पौधे का पाउडर बनाकर काँच की शीशी में रख लें !

जब भी कफ, खाँसी या स्वांस सम्बन्धी कोई भी समस्या हो ! तो इसका 10 से 15 ग्राम पौडर लेकर 200 ml पानी में तब तक य्बालें जब तक यह 50 ml नही रह जाता ! इसको चाय की तरह से चुस्कियां लेकर पियें, बहुत जल्दी आराम मिलता है !

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7 पीपल :- यह वृक्ष हिन्दुओं में प्राचीन काल से ही पूजा जाता  है ! एैसी मान्यता है की स्वयम ब्रह्मा देव इसमें निवास करते हैं ! इसके आलावा यह 24 घंटे आक्सीजन देने वाला वृक्ष है ! इसके साथ – साथ यह औषधीय गुणों से भरपूर है ! इसकी हर चीज पत्ते, फल, बीज, और छाल प्रयोग के योग्य हैं !

इसकी छाल से तैयार काढ़ा, चर्म रोगों में भी यह बहुत फायदेमंद  होता है !

इसके पत्तों का आकर ही आपको इसके गुणों को दर्शाता है, कि यह किस के लिए बना है ! जी हाँ ठीक समझे इसके पत्तों का काढ़ा बनाकर कुछ ही दिन पीने से दिल की कमजोरी दूर होती है ! और हृदय रोगों में यह हितकरी होता है ! इसके सेवन से ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है ! इससे हृदय वॉल्व भी ठीक होते हैं ! यह शरीर की व पैरों की सूजन को खत्म करता है ! इसकी इन विशेषताओं के कारण ही इसको 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में सामिल किया गया है !

8 तुलसी :- मित्रो यह भी बहुत ही पवित्र पौधा है ! इसकी दो किस्मे आती हैं ! एक रामा तो दूसरी का नाम श्यामा है ! गुणों के आधार पर देखा जाए तो श्यामा तुलसी में अधिक औषधीय गुण होते हैं !

बच्चों के पेट में कीड़े के लिए हम इसका प्रयोग कर सकते हैं ! इसमें तुलसी के 10 पत्तों का रस, और शहद या गुड में सुबह खाली पेट देने से पेट के सारे कीड़े मर जाते हैं !

अगर कफ की समस्या है, तो उसमे तुलसी रामबाण इलाज है ! इसके पत्तों की चाय या काढ़ा कफ को बाहर निकाल देता है !

बुखार में तो इसके और भी अद्भुत परिणाम मिलते हैं ! इसका काढ़ा पेरासिटामोल से भी अच्छा काम करता है ! डेंगू और चिकनगुनिया में तो इसके और भी अच्छे परिणाम मिलते हैं ! इसके यही गुण इसको हमारी 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में सामिल करते हैं !

9 पपीता :- यह औषधीय रूप में बहुत ही लाभकारी है ! इसके फल में जितने गुण हैं, उतने ही इससे पत्ते भी महत्वपूर्ण हैं ! क्योंकि पिछले कछु सालों से डेंगू नामक बुखार ने महामारी का रूप धारण कर लिया है ! और इसका एलोप्थिक के डॉक्टरों के पास कोई इलाज नही ! लेकिन पपीते के पत्तों का रस इसमें बहुत ही लाभदायक है ! यह बुखर को उतारने में मददगार तो है ही साथ में डाउन प्लेटलेट्स को बढ़ाने में भी सबसे अच्छी दवाई   है !

इसके फल में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है ! इसके सेवन से डाईजशन ठीक होता है ! और यह मल्ब्धता या कब्ज में बहुत ही अच्छे परिणाम देता है ! हमारी 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में इसका होना बहुत आवश्यक है !

पपीते के बीजों को सुखाकर विष निवारक भी बनाए जाते हैं ! और इसके कच्चे फल का रस बहुत ही गुणकारी है ! यह कैंसर और ट्यूमर जैसी भयानक बिमारियों में भी बहुत लाभकारी है !

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10 .बेलपत्र :- यह औषधीय गुणों से भरपूर तो है ही, साथ में     हिन्दू धर्म के देवता शिव शंकर भगवान को भी यह अति प्रिय    है ! और इसकी बहुत ही रोचक कहानी ग्रन्थों में मिलती है ! इस पौधे को शाक्सात महादेव शिव का वरदान है !और जिससे यह मनुष्य के बहुत से रोगों को हर लेता है ! 

शुगर के मरीज के लिए यह रामबाण औषधि है ! इसके सूखे पत्तों का पौडर बनाकर, रोज सुबह आधा चमच लेने से मरीज ठीक हो जाता है ! इसको लगातार 3 महीने लें और इसके साथ योग और प्राणायाम भी जरुर करें !

बेलपत्र का पका हुआ फल पेट के लिए बहुत ही लाभकारी है ! इसका जूस गर्मी में लू लगने से बचाता है ! यह बवासीर को भी ठीक करता है ! इस लिए इसको 10 Natural Antibiotic आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में रखा गया है ! और यह आसानी से किसी भी मन्दिर में मिल जाता है !

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