Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक दवा जो हमारे रसोईघर में ही उपलब्ध हैं !

Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक
Spread the love

Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक दवा जो हमारे रसोईघर में ही उपलब्ध हैं !

Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक के बारे में जानने से पहले  ! हम बात करेंगे कि हमे एंटीबायोटिक की आवश्यकता ही क्यूँ होती है ? दोस्तों आज कल भाग दौड़ की जिन्दगी के कारण और वातावरण के बदलाव के कारण बहुत सी एैसी बिमारियों ने जन्म ले लिए है जिसके ऊपर साधारण दवाओं का असर ही नही होता ! या डोक्टोरी भाषा में कहें तो ड्रग रेसिस्टेंट यानि दवाओं का बेअसर होना भी इसका एक बड़ा कारण है ! तो ऐसे में हमे दवाइयों के असर को कायम रखने और उनकी पॉवर को बढ़ाने व बैक्टिरियल इंफेक्शन्स के कारण होने वाली बीमारियों को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता पडती है !

लेकिन अधूरे ज्ञान की वजह से आजकल लोग बिना डॉक्टर की सलाह के अपने आप इन दवाओं का प्रयोग करने लगे हैं ! जिस कारण शरीर पर इनका काफी नुकशान होता है ! यदि हमे इस तरहे के एंटीबायोटिक के दुष्परिणामों से बचना है तो ! हमे एलोप्थिक एंटीबायोटिक का प्रयोग कम करना या बन्द करना पड़ेगा ! और सभी तरह की बिमारियों के लिए प्रकृति ने हमे पहले ही कुछ औषधि के रूप में Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक प्रदान कर रखे है ! बस उनका सही ढंग से प्रयोग करना आना चाहिए ! तो आइये उसके बारे में जान लेते हैं !

जाने Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक कौन से हैं 

मित्रो Natural Antibiotic प्राकृतिक एक्टिबियोटिक का  प्रयोग ही हमारे शरीर को रोग मुक्त बनाता है ! क्योंकि इनके प्रयोग  से शरीर को एलोप्थिक एंटीबायोटिक जैसा नुकसान नहीं होता है ! बल्कि यह शरीर के लिए फायदेमंद होते है और ये हमारी रोग प्रतिरोधक अक्षमता को भी बढ़ते हैं ! Natural Antibiotic प्राकृतिक एक्टिबियोटिक हमे बहुत ही आसानी से सस्ते में प्राप्त हो जाते हैं ! हमारे आसपास ऐसी बहुत सी जड़ी-बूटी और  औषधियां हमारे रसोईघर में ही उपलब्ध होती हैं ! आइये अब हम विस्तार से इनके बारे में जान लेते हैं !

क्या आपको पता है ? कि Natural Antibiotic प्राकृतिक एक्टिबियोटिक शरीर को रोगमुक्त रखने के साथ साथ शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करते हैं ! और इनमे सबसे पहले स्थान पर है

लहसुन Natural Antibiotic प्राकृतिक एक्टिबियोटिक 

जब Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक की बात आती है, तो लहसुन हमेशा पहले स्थान पर ही रहता है ! क्योंकि यह प्रकृति का सबसे अच्छा Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक  है। लहसुन में एलिसिन नामक तत्व होता है ! और यह एक  शक्तिशाली एंटीबायोटिक होने के साथ साथ  एंटीवायरल, और  एंटी-फंगल के गुण भी समाए हुए हैं ! नियमित रूप से सही मात्र में इसका प्रयोग करने से आपकी रोग प्रतिरोधक अक्षमता को बढ़ाता है !

लहसुन का प्रयोग करना भी आसन है :-

आप अपने भोजन में इसको लिए एक मसाले के रूप में उपयोग कर सके हो !

सर्दियों में लहसुन की 4 से 5 कलियों को सीधा तवे पर गर्म करके खा सकते है !

यह जमी हुई बलगम को बाहर निकालने में, और खांसी व जुकाम में सबसे अच्छा Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक  है !

सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए भी इसको खाया जा सकता है !

अदरक भी एक Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक है :-

अगर Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक का नाम लें और अदरक को भूल जाएं एैसा हो नही सकता ! क्योंकि अदरक हमारे लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होता है ! अदरक में ऐसा  प्राकृतिक एंटीबायोटिक होता है ! जो हानिकारक बैक्टिरिया के कारण होने वाले स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं ! ताज़े अदरक में एंटीबायोटिक के गुण पाए जाते हैं ! जो खाने के कारण होने वाली पैथोजेनिक समस्या या बैक्टिरिया से संबंधी रोगों में हमारी मदद करता है !

अदरक का प्रयोग करना भी आसन है :-

इसको आप गुड के साथ सीधा भी खा सकते हैं !

अदरक की चाय तो किसको पसन्द नही ! यह तो शदियों से काढ़े के रूप में भी प्रयोग होती रही है ! यह सर्दी, खाँसी और जुकाम में तो रामबाण इलाज है ! इस लिए यह बहुत ही अच्छा Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक !

सफर में उलटी और चक्कर से बचने के उपाय

हल्दी Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक:-

इसको तो कोई भी नही भूल सकता है ! यह सबसे पुराना Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक है ! आपको याद भी होगा, या फिर आपने देखा भी होगा कि जब भी कोई चोट  लग जाती है ! तो हल्दी सबसे पहले याद आती है ! क्योंकि यह एक Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक है ! और बहते खून को तुरन्त बन्द करने की ताकत रखती है ! इसमें करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जो कैसंर जैसे रोग से लड़ने में भी साहयक होता है !

और इसके अलावा त्वच रोगों में भी लाभदायक होती है ! व  पुराने समय से ही इसको सौन्दर्य निखार के लिए भी प्रयोग किया जाता रहा है ! और आज भी प्रयोग होता है ! यह सर्दी खाँसी और टोंसिल को जड से खतम कर देती है !

डेंगू बुखार में यदि इसका सेवन कर लिया जाए, तो प्लेट्स कम होने का खतरा भी टल जाता है !

हल्दी का प्रयोग करना भी आसन है :-

इसको हम बुरा मिलाकर सीधा ही खा सकते हैं ! और सब्जी में तो हर कोई इसका प्रयोग करता ही है !

पानी में उबालकर या दूध में डालकर भी इसका सेवन किया जा सकता है !

शहद Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक :-

यह भी Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक है ! आयुर्वेदिक औषधियों का जिक्र हो और शहद का नाम न आए एैसा हो नही सकता ! यह बच्चों के साथ – साथ बड़ों को भी बहुत पसंद होता है ! जी हाँ मित्रो शहद में भी बैक्टीरिया से लड़ने की अक्षमता होती है ! शहद की बहुत सी किस्मे होती हैं, लेकिन इनमे सबसे अच्छा और प्रभावशाली औषधीय गुणों से भरपुर मनुका नामक शहद है !

बच्चों व बड़ों में जब भी सर्दी, खाँसी या जुकाम सम्बन्धी समस्या हो, तो इसका प्रयोग बड़ा ही लाभदायक ! इसको काली मिर्च के साथ मिलाकर उपयोग करने से, बहुत जल्दी लाभ मिलता है !

शरीर के किसी भी संक्रमित जगह पर इसको लगाने से बहुत लाभ मिलता है !

दालचीनी Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक :-

Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक में दालचीनी भी एक है ! यह हर घर में मसाले के रूप में प्रयोग होती है ! यह  स्किन के कैंडीडा जैसे फंगल इन्फेक्शन को खत्म करने में सक्षम है ! इसके अलावा यह फ़ूड पोजनिंग यानि विषाक्त भोजन से होने वाले संक्रमण से भी बचाती है! यह शरीर में होने वाली हर एलर्जी को ठीक करने में मददगार है !

दालचीनी का प्रयोग करना भी बहुत ही आसान है :-

इसको आप मसाले के रूप में प्रयोग कर सकते हैं ! इसको किसी भी तरह की सब्जी में मिलाकर खाया जा सकता है !

दालचीनी का पौडर बनाकर शहद में मिलाकर सीधा भी खाया जा सकता है ! ऊपर से गर्म पानी का सेवन कर लें तो यह किसी भी एलर्जी को खत्म करने में सक्षम है !

हकलेपन की यह सबसे अच्छी औषधि है !

तुलसी Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक :-

आयुर्वेदिक औषधियों का जिक्र हो, और तुलसी को भूल जाएं यह सम्भव नही ! तुलसी में औषधीय गुण के कारण इसका हिन्दू धर्म में बढ़ा महत्वपूर्ण स्थान है ! और इसको देवी के रूप में पूजा जाता है ! हर साल 25 दिसम्बर को तुलसी पूजन के रूप में मनाया जाता है ! तुलसी के औषधीय गुणों की बात करें, तो यह एलोप्थिक की कई दवाओं से बहुत ही ज्यादा पर प्रभावी है ! जैसे कई बार बुखार हो जाता है, तो तुलसी का काढ़ा पिलादो बुखार उतर जाता है ! चाहे कोई भी बुखार हो चिकनगुनिया या डेंगू यह सब में इसके परिणाम बहुत अच्छे हैं ! इस लिए इसको सबसे अच्छे Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक की श्रेणी में स्थान हासिल है !

तुलसी को प्रयोग में लाना बहुत ही आसान है ! अगर किसी को खाँसी, जुकाम, गला या स्वांस सम्बन्धी समस्या है ! तो आप उसको तुलसी के 15 से 20 पत्तों का काढ़ा बनाकर पिला दे तुरन्त आराम मिलता है !

इसको एलोप्थिक दवाओं का असर खत्म करने के लिए भी प्रयोग किया जाता है !

एप्पल साइडर विनेगर :-

एप्पल साइडर विनेगर( सिरका ) या सेब का सिरका इसमें एंटीबैक्टिरियल गुण मौजूद हैं ! जो हमारे शरीर में हानिकारक बैक्टिरिया से लड़ने की ताकत प्रदान करते हैं ! यह डायरिया को नियंत्रित करने में सबसे अच्छा है !

इसका प्रयोग बहुत ही सरल है ! एक गिलास नोर्मल या गुनगुने पानी में एक चमच मिलाकर पीना चाहिए ! एैसा करने से यह बैक्टिरियल संक्रमण को पूरी तरह खत्म कर देता है !

शहद में मिलाकर लेने से यह गले, खाँसी और टोंसिल में बहुत ही अच्छे परिणाम देता है !

इचिनेशिया फुल :-

यह प्रकति के छुपे हुए नेचुरल एंटीबायोटिक में से एक है ! इसका बहुत ही प्राचीन औषधि संग्रह में इसका नाम आता है ! शोधकर्ताओं ने बताया है कि गले के सभी रोगों, सर्दी, खाँसी आदि को इससे ठीक किया जा सकता है ! यह एक फुल के रूप में पाया जाता है ! और इसमें विटामिन c की भरपूर मात्रा मौजूद है ! इस औषधि को लेने से नजला बिलकुल ठीक हो जाता है !

यह खून की सफाई करके उसको एकदम शुद्ध बनाती है ! फोड़े और फुंसी को होने से रोकती है !

एंटीबैक्टिरियल इन्फेक्शन के कारण WBC जो सामान्य नही रहता उसके लिए यह सबसे अच्छी औषधि है !

लम्बे समय से आ रहे बुखार यानि टाइफाइड को ठीक करती  है ! यह हमारे इम्यून सिस्टम को ठीक करके, उसको बढ़ाने के लिए भी बहुत अधिक कारगर होती है ! इसके साथ -साथ यह डाइरिया के लिए भी बहुत ही उतम औषधि है ! और इसको Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक की श्रेणी में रखना कोई अतिशयोक्ति नही होगी !

नारियल तेल :-

प्रक्रति ने हमे बहुत से तेल दिये हैं, जैसे सरसों का तेल, अलसी का तेल, नीम का तेल ! लेकिन इन सभी तेलों में नारियल के तेल की आपनी एक महत्वपूर्ण जगह है ! और औषधि गुणों से भरपूर होने के कारण इसका नाम Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक की लिस्ट में आता है ! हड्डियों के लिए इसको सबसे उपयोगी माना जाता है ! इसका प्रयोग सौन्दर्य को निखारने और बालों के लिए बहुत ही लम्बे समय से होता है ! इसके साथ – साथ इसका प्रयोग खाने में भी बहुत ही लाभदायक है ! इसके सेवन से फोड़े व फुंसियों में आराम मिलता है ! और त्वचा पर किसी भी तरह के दाग व धब्बे को मिटाने में यह सक्षम है !

यह मुहँ के बैक्टिरिया को खत्म करके, मुहँ की बदबू से राहत दिलाने में साहयक है !

अंगूर के बीज :-

मित्रो प्रकृति ने हमे बहुत सी औषधियों ( जेएनके ) से नवाजा है ! और उनमे से एक हैं ये अंगूर बीज ! ये बहुत ही अच्छे Natural Antibiotic प्राकृतिक एंटीबायोटिक होते हैं ! केलिफोर्निया युनिवृसिटी के मडिकल, फिजिक्स और साइक्लोजी के सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर हार्डिंन के अनुसार ! अंगूर के बीज का अर्क रक्त कैंसर के साथ – साथ अन्य तरह के कैंसर के लिए भी बहुत प्रभावशाली होता है ! तो हमे इसे भरपूर प्रयोग करना चाहिए !

आशा है आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होगी, तो जन-जागरण के लिए इसे अपने Facebook और WhatsApp पर अवश्य शेयर करें !

ऐसी ही और जानकारी के लिए like करें हमारे पेज Rajiv Dixit Patrika को

और ऐसे ही अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और गुरूप ज्वाइन करें।

जुडें हमारे फेसबुक ग्रुप से क्लिक करें जीवन का आधार आयुर्वेद से  

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2019 Rajiv Dixit Patrika |