ठंडा पानी (chilled water ) पीने के नुकशान, घड़े और फ्रिज के पानी में अन्तर

ठंडा पानी (chilled water) का बढ़ा ही चलन हो गया है !
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ठंडा पानी (chilled water ) पीने के नुकशान, घड़े और फ्रिज के पानी में अन्तर

दोस्तों आज कल यह फ्रिज के पानी और वाटर कूलर के पानी यानि आसान शब्दों में कहें तो ठंडा पानी (chilled water) का बढ़ा ही चलन हो गया है ! आपको हर जगह फ्रिज और वाटर कूलर लगा मिलता है ! इस ठंडा पानी के चस्के ने हमे अंदर ही अंदर कब बीमार कर दिया पता ही नही चला ! मित्रो जैसा कि आप जानते ही हो कि मनुष्य के शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री के आसपास होता है ! और सिर्फ 10 डिग्री का अन्तराल ही सहन कर सकता है ! यानि हम 27 डिग्री तक का पानी ही पी स्कते है, इससे निचे का पानी हमारे शरीर के लिए ठंडा पानी माना जाता है !

आयुर्वेद के अनुसार ठंडा पानी (chilled water) की परिभासा :-

आयुर्वेद के अनुसार जब हम शरीर के तापमान से ज्यादा ठंडा पानी (chilled water) पिते हैं तो यह हमारे पेट को ठंडा कर देता है !और जबकि पेट की तासीर गर्म है ! जब हम ठंडा पानी पीते हैं, तो यह एक ही मिनट में पेट को ठंडा कर देता है ! और यदि पेट को ठंडा कर दिया तो हमारे हृदय को भी ठंडा कर देगा ! और जब हृदय ठंडा हो गया तो तो हमारा मस्तिष्क ठंडा हो जाता है ! जीरे का पानी पीने के फायदे 

क्योंकि इन दोनों में खास सम्बन्द है, और यदि मस्तिष्क ठंडा हो तो हमारा सारा शरीर ठंडा हो जाएगा ! इसके आगे आप जानते कि शरीर ठंडा हो जाता है, तो वो लोग ही हमे घर से बाहर कर देते हैं जो हमे सबसे ज्यादा प्यार करते है ! और कहते हैं कि इसको जल्दी से जल्दी समसान ले जाओ यानि आप की मृत्यु निश्चित होती है ! तो दोस्तों ठंडा पानी (chilled water) कभी मत पीजिये !

ठंडा पानी (chilled water) पीने से कौन कौन सी बीमारियाँ होती हैं ?

दोस्तों जो शरीर की सबसे बड़ी बीमारी है या यूँ कह लीजिये की यह बिमारियों का सुभ महूर्त है वो है कब्ज ! कब्ज की बीमारी यह आ गयी तो आहिस्ता आहिस्ता सारी बीमारियाँ आ ही जाएंगी ! क्योंकि अगर आप बार बार फ्रिज का पानी या फिर अधिक ठंडा पानी (chilled water)पीते हैं तो इसका बुरा असर हमारी आँतों पर पड़ता है ! हमारे शरीर में दो अंत होती हैं, एक छोटी आँत “SMALL INTESTINE” यह पाचन तन्त्र का महत्वपूर्ण भाग है ! और इस छोटी आँत में भोजन का सबसे ज्यादा पाचन होता है ! और दूसरी बढ़ी आँत, बढ़ी आँत यानि “LARGE INTESTINE” यह एक पाईप की तरह होती है ! बढ़ी आँत का काम शरीर से मल को बाहर निकलना होता है ! जब भोजन के पचने के बाद वेस्ट बच जाता है, तो यह बड़ी आँत उसको मल के रूप में शरीर से बाहर कर देती है !

ठंडा पानी पीने से क्या क्या हो सकता है सुनें >>

लेकिन जब अत्यधिक ठंडा पानी लगातार पिया जाता है, तो बढ़ी आंत सिकुड़ने लगती है और एक दिन एैसा होता है कि यह बिलकुल बन्द हो जाती है ! जिससे स्टूल (STOOL) पास नही होता या निकल नही पाता ! इसलिए आपको इसे निकलने के लिए बहुत जोर लगाना पड़ता है ! और आपका पेट अच्छी तरह साफ नही हो पाता ! ठंडा पानी पीने से आपको कब्ज हो जाती है ! और आयुर्वेद में कब्ज को सब बिमारियों की जड माना जाता है ! अगर आपको लम्बे समय तक कब्ज रहती है, तो बहुत सी बीमारियाँ खड़ी हो जाती है ! इसमें सबसे पहले आपको URIC ACIDE, CHOLESTEROL  SUGAR, HEART BLOCKAGE. आदि ये सारी बीमारियाँ खड़ी हो जाती हैं ! तो मित्रो हमे फ्रिज का या फिर कैसा भी ठंडा पानी(chilled water) नही पीना चाहिए !बोतल बन्द पानी के नुकशान 

हमे कितना पानी पीना चाहिए ?

घड़े का पानी अच्छा या फ्रिज का ठंडा पानी अच्छा ?

मित्रो हमे कभी भी ठंडा पानी (chilled water)नही पीना चाहिए, यदि आप एैसा नही कर सकते तो आप घड़े का पानी प्रयोग कर सकते हैं ! इसमें आपको प्राक्रतिक रूप से ठंडा पानी मिलता है ! और इसका तापमान मनुष्य के शरीर के तापमान से बिलकुल मेल खाता है ! क्योंकि मनुष्य के शरीर का तापमान 37 डिग्री होता है और घड़े के पानी का तापमान भी लगभग उसके सामान ही होता है ! यानि 33 डिग्री या फिर 34 डिग्री ही होता है, इसे आप चेक कर सकते हैं ! इसलिए यह घड़े का पानी हमारे देश में हजारों सालों से प्रयोग में लाया जा रहा है और इसको आयुर्वेदिक हमत्व भी है ! इस लिए फ्रिज का ठंडा पानी (chilled water )कभी न पीयें, हमेशा घड़े का पानी ही प्रयोग करें !

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दोस्तों आशा है कि आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी ! इससे आप अपना फायदा तो कर ही सकते हैं और साथ में दूसरों को भी बता सकते हैं !    

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