Hydrocele हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और घरेलू व होम्योपैथी उपचार !

Hydrocele हाइड्रोसील मित्रो यह पुरुषों में होने वाली बीमारी है !
Spread the love

Hydrocele हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और घरेलू व होम्योपैथी उपचार !

 Hydrocele हाइड्रोसील मित्रो यह पुरुषों में होने वाली बीमारी है ! हमारे दोनों टेस्टिस एक मेमोरेन से कवर होते हैं यानि ये एक पाउच के अंदर होते हैं ! इसको साइंस में यूनिक वैग्नलिस कहते हैं ! और जब इस कवर में पानी भर जाता है, या कोई फ्ल्युड भर जाता है ! जिस कारण वह टेस्टिस के सभी और फैल जाता है ! और इसके कारण हमारा अंडकोष बढ़ा दिखने लगता है ! अंडकोष में सुजन आ जाती है, और यह फुल जाता है ! कभी – कभी यह बहुत बढ़ा दिखने लगता है ! अंडकोष की इस बीमारी को ही Hydrocele हाइड्रोसील कहते हैं !

Hydrocele हाइड्रोसील होने के कारण :-

आये जान लेते हैं कि Hydrocele हाइड्रोसील क्यों होता है ?

1 Hydrocele का पहला कारण है ! मेमोरेन मित्रो जिस झिल्ली ने टेस्टिस को कवर करके रखा है, कई बार वो लिक हो जाती है ! और वहाँ से थोडा – थोडा पानी हमेशा रिसता रहता है ! लेकिन जब इस पानी की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है तो उस अवस्था में हाइड्रोसील हो जाता है !

2 Hydrocele हाइड्रोसील का दूसरा बढ़ा कारण जब मेमोरेन में पानी पैदा होता है, और उसका अब्जोस्न उस मात्रा में नही हो पाता ! जिस कारण अंडकोष में पानी की मात्रा ज्यादा हो जाती है, इस वजह से भी हाइड्रोसील हो जाता है !

3 अंडकोष पर किसी तरह की चोट लगना ! यह चोट कई बार खेल में या अचानक गिरने या साकिल पर से गिरने से लग जाता है ! या किसी भी कारण लग सकती है जिस कारण हाइड्रोसील हो जाता है !

4 टेस्टिस यानि अंडकोष में इन्फेक्सन (ओर्चैटीस) होने पर भी Hydrocele हाइड्रोसील हो सकता है !

5 टेस्टिसकुलर कैंसर भी इसका कारण बन सकता है ! इसका अन्य कारण फाईलेरिया रोग इसमें अंगों का साइज सामान्य से बढने लगता है !

हाइड्रोसील के और भी बहुत से कारण हो सकते हैं ! जैसे कब्ज, पानी का अत्यधिक मात्रा में सेवन, मूत्र वेग को  बहुत समय तक रोक कर रखना,

Hydrocele हाइड्रोसील होने के लक्षण :-

1 मित्रो का जो सबसे पहला लक्ष्ण है वो है अंडकोष में सुजन ! जिस कारण अंडकोष का आकार सामान्य से बढ़ा दिखने लगता है ! और कई बार रोगी को ऐसा लगता है कि मानो अंडकोष में पानी भर गया है !

2 हाइड्रोसील होने पर शुरुआत में तो इसका मानो पता ही नही चलता ! लेकिन धीरे धीरे लगभग एक महीने के इसके लक्षण बिलकुल सामने आने लगते हैं !

3 किसी किसी अवस्था में जैसे ओर्चैटीस और     इन्फ्लामेसन में सूजन बहुत जल्दी आने लगती है !

4 नोर्मल अवस्था में यह धीरे धीरे तीन से चार महीनों में सामने आता है !

5 जब भी Hydrocele हाइड्रोसील होता है तो यह पेन लैस होता है ! हाइड्रोसील में किसी भी तरह का दर्द नही होता ! छूने और दबाने पर भी दर्द नही होता !

6 हाइड्रोसील की वजह से स्क्रोटम पानी से भरे गुबारे या फुगे जैसे हो जाता है ! जैसे हम पानी के फुगे को दबाते हैं और छोड़ते हैं तो वह वापस से अपनी सेप में आ जाता है ! रोगी के अंडकोष की स्थिति भी एसी भी एसी हो जाती है !

और जब इसको बहुत समय हो जाता है और सूजन बहुत बढ़ जाती है तो इसमें कभी कभार दर्द भी हो सकता है ! मित्रो जब भी Hydrocele हाइड्रोसील होता है तो ये सारे लक्षण आपको जरुर दिखाई देने लगते हैं !

कैसे पता करें कि ये हाइड्रोसील है या हर्निया है :-

क्योंकि कई बार दोनों बिमारियों के लक्षण एक जैसे होते हैं, और इनमे अंतर करना थोडा मुश्किल होता है ! तो इसके लिए भी हम घर पर ही टैस्ट कर सकते हैं ! यह बहुत ही आसान है !

1 अंधेरे कमरे में जाएँ, और एक लाईट या टोर्च ले कर इसको अंडकोष के निचे लगाकर देखें ! क्या इसमें कुछ फ्ल्यूड या पानी जैसा कुछ दिख रहा है, अगर हाँ तो यह Hydrocele हाइड्रोसील ही है !

2 जब भी Hydrocele हाइड्रोसील होता है तो हम अंडकोष को अपने हाथ से उपर की ओर पुस करते हैं ! तो उसमे थोडा बल लगाना पड़ता है ! लेकिन अगर हार्निया है तो उसमे बल की अवश्यकता नही वह आराम से पुस हो जाता है ! और धीरे धीरे उसी सेप में वापिस आ जाता है !

इसे भी पढ़ें :- बच्चों को खाना खिलाने के आसान तरीके 

हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक इलाज :-

1 आयुर्वेद में इसके बहुत से उपचार उपलब्ध हैं ! इनमे जो सबसे पहले नम्बर पर है वो है ढाक नामक वर्क्ष के फुल ! जिनको केसू के नाम से भी जाना जाता है ! इन फूलों को थोड़ी मात्रा में ले कर पानी में अच्छे से उबालें ! पूरी तरह से खोल जाने पर, इनको ठंडा करके इनका लेप बनाकर रोगी के अंडकोष पर सुबह और शाम इसको लगाकर उपर कपड़ा लपेट दें ! इससे बहुत जल्दी आराम आता है !

2 Hydrocele हाइड्रोसील के घरेलू इलाज में दुसरे नम्बर पर है काटेरी की जड ! यह पौधा लगभग हर जगह मिल जाता है ! इसको आम भाषा में कनडयाई या “भटकटैया” भी कहते है, क्योंकि इसके उपर बहुत कांटे होते हैं ! इसके उपर नारंगी रंग के फुल और कंचे के आकार के गोल फल भी लगते हैं ! ये पकने के बाद पीले रंग के हो जाते हैं ! यह फल बीजों से भरे रहते हैं और स्वाद में बहुत कडवे होते हैं ! इस पौधे की जड़ों को सुखाकर पौडर बना लें ! 10 ग्राम कटेरी का पौडर और 5 ग्राम भूरी मिर्च का पौडर दोनों को गुन गुने पानी से नाश्ते के एक घण्टे बाद लें ! इस औषधि से यह बिमारी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है !

Hydrocele हाइड्रोसील का होम्योपैथी इलाज :-

1 Hydrocele हाइड्रोसील के लिए होम्योपैथी में बहुत ही अच्छी औषधि उपलब्ध है ! जिसका नाम है रोडोडेंड्रोन                       ( Rhododendron ) ! यह हमें 30 CH पोटेंसी में लेनी है ! इसका काम है अंडकोष की सुजन को कम करना और उसको बढने से रोकना ! यह औषधि टेस्टिस के इन्फेक्शन ( ओर्चैटीस ) को भी ठीक करता है ! इसको बच्चे और बड़े दोनों ले सकते हैं !

लेने का समय, तरीका व मात्रा :- रोडोडेंड्रोन ( Rhododendron ) को दिन तीन बार यानि सुबह, दुपहर शाम, दो दो बूंदें सीधा जीभ पर डालनी है !

2 दोस्तों Hydrocele हाइड्रोसील की जो दूसरी होम्योपैथी मेडिसन है वो है क्लेमटिस एरेक्टा (Clematis Erecta 30 CH) ! जब भी क्रोनिक गनोरिया के कारण या एस टी डी के कारण ओर्चैटीस होने से हाइड्रोसील की समस्या हो तो उसके लिए यह बहुत ही उपयोग औषधि है ! यह अंडकोष की दर्द और सुजन को समाप्त कर देती है ! लेने का तरीका और मात्रा व समय एक जैसा है !

दोस्तों आशा है कि आप सब को Hydrocele हाइड्रोसील की यह जानकारी अच्छी और उपयोगी लगी होगी ! पूरा पोस्ट पढने के लिए धन्यवाद !

अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो जरुर देखें  >

मित्रो जनकल्याण के लिए इसे अपने Facebook और WhatsApp पर अवश्य शेयर करें !

एैसी ही अच्छी अच्छी जानकारी के लिए Like करें हमारे पेज Rajiv Dixit Patrika को।

और एैसी ही अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी के लिए ग्रुप ज्वाइन करें।

जुडें हमारे फेसबुक ग्रुप से क्लिक करें जीवन का आधार आयुर्वेद पर ! धन्यवाद  

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2019 Rajiv Dixit Patrika |