बच्चों को खाना खिलाने के आसान नियम और आसान तरीके

बच्चों को खाना खिलाने के आसान नियम और आसान तरीके
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बच्चों को खाना खिलाने के आसान नियम और आसान तरीके  

बच्चों को खाना खिलाने के नियम जानने से पहले, आज की खाने की स्थिति के बारे में कुछ बात कर लेते हैं ! मित्रो आजकल का जो माहोल है, उसमे बढ़ी भागम – भाग हो रही है ! और इसी भागम – भाग के कारण हमने बहुत कुछ पीछे छोड़ दिया ! बहुत कुछ का मतलब आप सही समझ रहें होगे, कि हमने अपनी बहुत सी अच्छी चीजों को भी छोड़ दी हैं ! जो हमारे जीवन का आधार रूप समझी जाती है, जिनके बीना हमारा जीवन चल ही नही सकता !  इन पीछे रह जाने वाली चीजों में सबसे उपर नाम आता है, हमारे पोष्टिक भोजन का ! दोस्तों जो आधुनिकता आ रही है, यह हमारी परम्परा, सहजता, और शुद्धता को निगलती जा रही है !

इस आधुनिकता की वजह से आदमी के पास आपने लिए भी समय नही बचा ! तो एैसे में वो अपने बच्चों के लिय समय कहाँ दे ! और इसी कारण बच्चों में बहुत सारे विकार पैदा हो रहे हैं ! आज  माँ बाप को केवल यह फ़िक्र है कि उनका बच्चा खाना खा रहा है या नही ! लेकिन यह फ़िक्र नही कि वह क्या खा रहा है ! क्योंकि आज के समय में बच्चे कभी बर्गर, पीजा या अन्य फास्टफूड ही पसंद करते हैं ! और एैसा खाना खाने से कुछ समय बाद उनका पाचन तन्त्र काम करना बन्द कर देता है ! जब बच्चे बिलकुल खाना ही बन्द कर देते है, तब माता पिता को चिंता होने लगती है !

दोस्तों यह स्थिति अब रह घर और रह माँ की है कि उनका बच्चा कुछ भी खाता या पिता नही ! व बच्चों को खाना खिलाने के लिए पता नही क्या क्या करना पड़ता है ! इसमें कहीं न कहीं माता – पिता खुद ही जिमेवार होते है ! क्योंकि वे बच्चों को खाना खिलाने की बजाए यह समझ कर संतुस्ट हो जाते हैं, कि चलो हमारा बच्चा अगर घर पर कुछ नही खा रहा ! लेकिन कम से कम बाहर तो खा ही रहा है ! और यह बच्चों को खाना खिलाने की ढील ही सारा काम खराब कर देती है ! लेकिन मित्रो अब घबराने की अवश्यकता नही, क्योंकि हम बच्चों को खाना खिलाने के विषय में कुछ नियम जो राजीव दीक्षित जी ने बताए हैं, उन का ही विश्लेष्ण करेंगे!

बच्चों को घर का खाना खिलाने का महत्व :-

मित्रो हम सब ने कहीं न कहीं यह कहावत जरुर सुनी होती है, कि घरके खाने की रीस नही ! यानि बाहर चाहे आप जितने मर्जी अच्छे होल्ट में या किसी Restaurant में खाना खा लें, पर घर जैसी पोष्टिकता नही मिलती ! और फिर भी घर का खाना ही सबसे ज्यादा हेल्दी और पौष्टिक होता है ! पर यह बात बच्चों को समझ नही आ सकती इस लिय माता – पिता को बच्चों को खाना खिलाने के कुछ नियम उनके लिए जरुर अपनाने चाहिए !

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राजीव दीक्षित जी के अनुसार बच्चों को खाना खिलाने :-

राजीव दीक्षित जी कहते है, कि आयुर्वेद के अनुसार खाना बनते ही हमे 48 मिन्ट के अंदर यह खाना खा लेना चाहिए ! लेकिन जब बच्चे स्कुल चले जाते हैं, तो वे कैसे खाना खा सकते है इसके लिए एक साधारण सा तरीका है ! आप सब बच्चों को खाना खिलाने के बाद ही स्कुल भेजें, तो इस आप बोलते हैं कि यही तो समस्या है ! बच्चे सुबह खाना खाते ही नही ? राजीव जी का कहना है, कि हमारे शरीर की खाना खाने की एक साईकिल या प्रक्रिया होती है ! इसके अनुसार हमने जब भी कोई खाना खाया तो 8 घंटे बाद ही भूख लगती है !

यह शरीर का खुद का नियम है, इसमें चाहे कोई बड़ा हो या बच्चा हो, सब में यह क्रिया एक समान रहती है ! तो इस नियम को ध्यान में रखकर रात का खाना आप अपने बच्चों को खाना खिलाने का नियम बनाएं ! जिस समय 8 घंटे पुरे होते हों, यानि आप अपने बच्चे को श्याम को ही खाना खिला दीजिये ! और रात को खाना मत खिलाना इसका सीधा अर्थ है, कि जब आपने बच्चों को खाना खिलाने का समय शाम 6 बजे कर दीजिये ! तो वे रात 8 से 9 तक आराम से सो जाते है !

क्योंकि खाना खाने के बाद जब खाना पच कर रस में बदलने लगता है, तो शरीर का ब्लडप्रेशर अपने आप बढ़ना शुरू हो जाता है ! और ब्लडप्रेशर के बढ़ते हो नींद आनी शुरू हो जाती है, उसको आप सोने से नही रोक   पाएंगे ! इसलिए रात का खाना अपने बच्चों को खाना खिलाने हमेशा शाम के 6 बजे का ही रखें ! इसके बाद अब आप शाम के 6 बजे से आप 8 घंटे गिनल लीजिये ! तो सुबह के 4 से 5 बजे तक वह समय पूरा होता है, और जब बच्चे सुबह उठेंगे तो उनको पूरी तेज भूख लगी होगी ! अब आप उन्हें जो भी खिलाना चाहोगे, जैसेकि रोटी, दाल चावल, सब्जियां आदि  तो वे सब आराम से खा लेंगे !

बच्चों को खाना खिलाने का सही समय :-

यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे हर रोज सही से खाना खाएं ! तो  इसके लिए थोडा बदलाव ये करना हैं कि बच्चों को शाम के 6 या 7 बजे ही भोजन करवा दें ! या आप सभी खाना जल्दी खाना शुरू करें ! माने सब जैन ही हो जाएं, क्योंकि खाने में जैन धर्म का पालन करें इसका बहुत महत्व है ! इसका माने तो आप शाम का खाना 6 से 7 बजे के बीच में खा लें ! तो यह आचर्य श्री को वन्दन करने से भी बढ़ा काम होगा !

वह जैन के आचर्य यही कहते हैं कि शाम का खाना जल्दी खाओ ! तो आप भी थोड़े जैनी हो जाइए, आपका खाने का समय बदल कर रात का खाना बन्द कर दीजिये ! और आपने बच्चों का भी रात का खाना बन्द कर दीजिये !

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वाग्भट जी के अनुसार खाना खाने का नियम :-

महर्षि वाग्भट ने हमे यह पहला सूत्र दिया है ! वे कहते हैं कि सूर्य का प्रकाश, और वायु का स्पर्श खाने पर लगभग हर समय रहना ही चाहिए ! खाना बनाते समय और खाते समय और पीते समय भी ! क्योंकि सूर्य का प्रकाश शाम को 6 से 7 बजे तक ही रहता है, और सूर्य के प्रकाश में खाने का सबसे बढ़ा परिणाम विटामिन D का निर्माण है !

इसलिए इस नियम का पालन करें, और अपना रात का खाना हमेशा के लिए बन्द ही कर दें तो बहुत अच्छा ! जब यह नियम अपनाकर आपके बच्चे स्कुल जाएंगे, तो उनको अच्छी भूख लेगी और वो सब कुछ खुश होकर खाएंगे ! आप उनको आलू का या गोभी का परांठा भी खिलाइए तो भी कोई फर्क नही पड़ता ! सुबह का भोजन जितना हैवी हो उतना अच्छा, आप अपने बच्चों को भर पेट खाना खिलकर ही स्कुल भेजें ! लंचबॉक्स साथ देनी की आवश्यकता नही ! बच्चों के घर आते ही दोपहर का खाना खिलाइए और शाम को दूसरा भोजन !

राजीव दीक्षित जी कहते है कि मैने कुछ बच्चों पर प्रयोग किया है ! मैने उनका रात का भोजन बन्द कर दिया और यह प्रक्रति का नियम भी है ! आप सारे जानवरों को देख सकते हैं ! सारे जवनर और सारे पक्षी सुबह उठते ही खाना खाते हैं ! और रात को बिलकुल नही खाते, आप खिलाकर देख सकते है !

देशी गाय तो बिलकुल नही खाती, जर्सी गाय को छोडकर आप यह आजमाकर देख सकते है ! क्योंकि जर्सी गाय भारत से नही तो इस लिए उसको भारत के समय का बोध नही ! जर्सी तो रात को दो बजे भी खा लेती है ! और इसके विपरीत भारत की कोई भी नस्ल की गाय शाम 6 बजे के बाद खाना या घास नही खाती !  इस लिए हमे उन समझदार प्राणियों से सीख लेनी चाहिए ! व भारत की तासीर को ध्यान में रखते हुए भोजन जल्दी कर लेना चाहिए !

इससे आपको और आपके बच्चों को भरपूर भूख लेगी ! आपसे निवेदन है कि अपने बच्चों को कभी भी खाली पेट स्कुल ना भेजें ! यदि आप कहते है कि दूध पीकर जाता है, इसका मतलब वह खाली पेट ही स्कुल गया है ! दूध कोई सॉलिड भोजन नही, और अगर भविष्य में एसिडिटी, अल्सर आदि से बचना चाहते हो तो, सुबह कोई न कोई सॉलिड भोजन शरीर के लिए बहुत आवश्यक है !

दोस्तों आशा है कि आपको यह बच्चों को खाना खिलाने की जानकारी अच्छी लगी होगी ! इसका प्रयोग करके आप अपने बच्चों को आसानी से भर पेट भोजन खाने की आदत डाल सकते हैं !

बच्चों को खाना खिलाने की अधिक जानकारी के लिए राजीव दीक्षित जी का यह वीडियो अवश्य देखें >>

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