भुई आंवला के फायदे | Benefits Of  Bhumi Amla

भुई आंवला की बात कुछ अलग ही है !
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भुई आंवला के फायदे | Benefits Of  Bhumi Amla

भुई आंवला की बात कुछ अलग ही है ! मित्रो वैसे तो प्रक्रति ने हमे बहुत सी जडीबुटीयां हैं ! लेकिन इनमे से कुछ एैसी है मानो रामबाण ! जैसे हम इससे कभी से मिस कर रहे हों ! इन्ही औषधियों में से एक है भुई आंवला ! यह एक एैसी औषधि है जो बहुत सारे रोगों को ठीक करने की ताकत रखती है ! इन रोगों में सर्दी, खाँसी से लेकर हमारे लीवर तक की सभी समस्याओं को यह औषधि ठीक करती है !

मित्रो कुछ तो इसके बारे में जानते हैं और कुछ नही जानते होंगे ! तो आज हम इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे और भुई आंवला का किस – किस बीमारी में फायदा होता है, इस बारे में भी विस्तार से जानेंगे, तो आइये शुरू करते हैं !

लीवर के रोग में भुई आंवला के फायदे |  Benefits of bhumi amla for liver

मित्रो यह आपने बहुत बार सुना होगा की आप लोहा भी पचा सकते हैं ! और बहुत जगह आपको यह लिखा हुआ भी मिल जाता है कि आप खाने में जो मर्जी खाएं सब पचाएं, पर कैसे ? यह भी आज आपको बता देते हैं ! जी हाँ भुई आंवला से यह लीवर की लगभग सभी समस्याओं को ठीक करता है !

सेवन करने की विधि :-

इसका सेवन करना बहुत ही आसान है ! यदि आपका लीवर बढ़ा हुआ है ! या पाचन की समस्या है तो इसका काढ़ा आपके लिए बहुत ही उपयोगी होता है ! आप भुई आंवला के पौधे को झड़ सहीत उखाड़ लें, इसको अच्छे से साफ करके इसका काढ़ा बना लें ! इसको सुबह और श्याम दोनों समय पीया जा सकता है ! इससे बढ़ा हुआ लीवर एक महीने में बिलकुल ठीक हो जाता है ! और इससे लीवर की सुजन भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है ! सेवन करते समय इसकी मात्रा का भी विषेस ध्यान रखें !

भुई आंवला के फायदे के लिए सेवन की मात्रा :- इसके लिए हमे 10 ग्राम भुई आंवला को आधा लिटर पानी में अच्छे से उबालना है, और इसको तब तक उबाले जब तक यह 100 ml हो जाए ! इसको सुबह नाश्ते से एक घंटा पहले और रात को भी खाने से एक घंटा पहले सेवन करें ! एैसा लगातार एक महीने भुई आंवला का सेवन करने से लीवर के सभी विकार समाप्त हो जाते हैं !

पीलिया के रोग में फायदे |  Benefits of Bhumi Amla in Jaundice

मित्रो पीलिया यानि जौंडिस (Jaundice) का रोग में भुई आंवला के फायदे होते हैं ! जिनको भी पीलिये की समस्या है, उन्हें भुई आंवला के पौधे को जड़ समेत सुखाकर ! इसका पौडर बनाकर प्रयोग करने से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है !

सेवन की विधि :- मित्रो इसका सेवन करना बढ़ा ही आसान है ! बस हमेशा की तरह इसकी मात्रा का जरुर ध्यान रखें ! पीलिये के लिए इसकी मात्रा हमे 3 से 4 ग्राम लेनी है ! इसका काढ़ा बनाकर सुबह श्याम दोनों समय पीना है ! इससे कुछ ही दिनों में पीलिये की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाती है !

स्तन के सुजन और गाँठ में लाभदायक | Benefits of Bhumi Amla in Breast Sweling and Breast Cyst

जिन भी माताओं व बहनों को ( Breast Sweling and Breast Cyst )

एैसी कोई समस्या है, तो भुई आंवला को जड समेत लेकर अच्छे से साफ कर लें ! और इसकी चटनी या लेप बनाकर, स्तनों पर लगाने मात्र से ही सारी समस्याओं का निदान हो जाता है !

हेपेटाइटिस ‘बी’ रोग में लाभदायक | Bhumi Amla Benefits in Hepatitis B

दोस्तों भुई आंवला हेपेटाइटिस ‘बी’ ( Hepatitis B ) जैसी भयानक बीमारी को भी ठीक करने में समर्थ है ! इसके लिए भुई आंवला के पंचाग यानि पूरा पौधा लेना है ! इसमें हमे श्योनाक की छाल, और इसमें पुनर्नवा के मूल को मिलाकर इसको सुखाकर पौडर बना ले ! अब इसका काढ़ा बनाकर इसका सुबह श्याम सेवन करें ! हेपेटाइटिस ‘बी’ ( Hepatitis B ) को यह बहुत जल्दी ठीक कर देता है ! यदि भुई आंवला का रस हम ताजा प्रयोग करें तो और भी जल्दी आराम मिलता है !

मुंह के छालों में लाभदायक |  Bhumi Amla Benefits in Mouth Ulcer

जिनको मुंह के छालों की दिक्कत है, या मुंह की कोई अन्य समस्या है ! जैसे दांतों में दर्द, मसूड़ों में सुजन या मसूड़ों से खून आना आदि सभी समस्याओं में यह औषधि रामबाण इलाज है ! जिनको भी एैसी समस्या है वे भुई आंवला के कुछ पत्ते लेकर कुछ देर चबा लें ! इससे जो पानी निकलता है, उसको आप बाहर थूक दें या उसको पी भी सकते हैं ! इसका कोई दुष्प्रभाव नही होता ! इसका टेस्ट थोडा कसया जरुर होता है, लेकिन फिर भी इसको चबाया जा सकता है ! एैसा कुछ दिन करने पर ही मुंह की सभी समस्याओं को ठीक कर देता है !

इसे भी पढ़ें :- जाने गौमूत्र के अनेक फायदे 

जलोदर या एसाइटिस में लाभदायक | Bhumi Amla Benefits in Ascites

जलोदर ( Ascites ) जैसे भयंकर बीमारी में भी यह बहुत आराम करती है !  एसाइटिस एक बहुत ही भयंकर बीमारी है ! इससे पेट में पानी इक्कठा होने लगता है, और पेट फूलने लगता है ! जलोदर

में भुई आंवला का काढ़ा दोनों टाईम पीने से यह समस्या ठीक हो जाती है !

सेवन की मात्रा :- जलोदर की समस्या के लिए भुई आंवला के 5 ग्राम पौडर को 500 ml पानी में अच्छे से उबाल ले ! पानी के एक चौथाई रहने पर इसको सेवन करें ! इसमें एक ग्राम सोंठ और आधा ग्राम कुटकी मिलाकर पीने से बहुत ही जल्दी आराम मिलता है !

भुई आंवला खाँसी में लाभदायक | Bhumi Amla Benefits in Old Cough

पुरानी से पुरानी भयानक खाँसी भी इससे केवल 3 से 4 दिन सेवन से ठीक हो जाती है ! भुई आंवला और तुलसी की पत्तियों का काढ़ा बनाकर नियमित सुबह शाम पीयें इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है ! इसका सेवन करना स्वस्थ के लिए बहुत ही हितकरी है, इससे शरीर में किसी भी तरह का दोष नही होता !

शरीर की सुजन में लाभदायक | Bhumi Amla Benefits in Body Swelling

मित्रो यह शरीर की हर तरह की सुजन चाहे वह किसी भी कारण से है, इससे ठीक हो जाती है ! जैसे कि चाहे वह सुजन किडनी के कारण है, या लीवर के कारण है, या फिर किसी भी तरह की चोट की वजह से तो भी यह बहुत ही कारगर इलाज है ! सेवन की विधि आपको पहले ही बता चुके हैं ! उसी हिसाब से सेवन करें तो यह शरीर की सुजन को हमेशा के लिए हर लेता है !

प्रमेह व प्रदर में लाभदायक | Bhumi Amla Benefits in Gonorrhoea

यह एक बहुत ही भयानक रोग है ! यह यौन संचार के कारण से होना वाला जीवाणु संक्रमण होता है ! यदि इसका इलाज समय रहते न किया जाए तो यह स्त्रियों में बाँझपन का कारण भी बन जाता है ! प्रमेह व प्रदर या   ( गोनोरिया ) के लिए यह रामबाण औषधि है !

प्रमेह व प्रदर (गोनोरिया) में सेवन की विधि :- एैसे रोगियों को भुई आंवला का पौडर हमेशा दूध के साथ रात को सोते समय लेना चाहिए ! इसका नियमित सेवन करने से यह बीमारी जड से समाप्त हो जाती है !

पेट दर्द में लाभदायक | Bhumi Amla Benefits in Stomach Pain

चाहे आपके पेट में किसी भी तरह का दर्द हो, उसके लिए भुई आंवला उतम औषधि है ! भुई आंवला का काढ़ा बनाकर पीने से तुरंत आराम मिलता है ! पेट में सुजन के लिए, इन्फेक्शन के लिए यह बहुत ही लाभकारी है !

मूत्र रोगों में लाभदायक | Bhumi Amla Plant benefits in Urinary Problems

मूत्र विकार या पेशाब सम्बन्धी सभी समस्याओं जैसे पेशाब में रुकावट होना, पेशाब में जलन होना या बार- बार आना आदि में यह एक अदभुत औषधि है !

लेनी का तरीका :- 5 ग्राम भुई आंवला के रस में थोडा जीरा और मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन बन्द हो जाती है !

इसी तरह से 10 ग्राम देशी गाय घी और 10 ग्राम भुई आंवले का पौडर मिलाकर लेने से पेशाब की रुकावट को दूर करने में साहयक होता है !

शुगर या डायबिटीज में लाभदायक | Bhumi Amla Benefits in Suger, Diabetes

भुई आंवला हाई से हाई लेवल की शुगर को भी कंट्रोल कर सकता है ! हालाँकि यह स्वाद में कडवा नही होता क्योंकि एैसा भ्रम है, कि शुगर की सभी आयुर्वेदिक औषधियां कडवी होती हैं ! इसमें आप काली मिर्च का पौडर मिलाकर सेवन करें तो यह और भी जल्दी असर करता है ! इसके लिए मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है ! इसके लिए आप भुई आंवला के पौधे को जड समेत लेकर अच्छे से साफ कर लें और सुखाकर इसका पौडर बना लें ! अब इस पौडर की 10 ग्राम की मात्रा में 20 काली मिर्च का पौडर मिला लें ! इस तैयार औषधि को दिन में दो से तीन बार सेवन करें ! एैसा करने से आपकी शुगर या डायबिटीज बहुत जल्दी नोर्मल होने लगती है !

शुगर या डायबिटीज के मरीजों को यदि चोट लग जाए तो, वो बहुत जल्दी ठीक नही हो पाती ! और कई बार तो बहुत अधिक मात्रा में खून बह जाने से रोगी की म्रत्यु भी हो जाती है ! लेकिन यदि आप शुगर के मरीज की चोट पर भुई आंवला की चटनी या लेप बनाकर लगा दें तो, यह बहुत ही जल्दी घाव को ठीक कर देता है !

खाज, खुजली व त्वचा रोगों में लाभकारी | Benefits of Bhumi Amla in Skin infaction and leprosy

आपको चाहे जैसे भी खाज या खुजली हो इसमें भुई आंवला बहुत ही लाभकारी है ! इसके पत्तों को खुजली वाली जगह पर रगड़ने से या फिर लेप बनाकर लगाने से बिलकुल ठीक हो जाती है ! यह पुरानी से पुरानी खाज या खुजली को भी जड से समाप्त करने की ताकत रखता है !

हर बुखार में लाभकारी | Bhumi Amla Plant benefits in Heavy Fever             भुई आंवला किसी भी तरह के बुखार के लिए बहुत ही लाभकारी औषधि है ! यह हवी से हवी डेंगू और चिकनगुनिया जैसे बुखार को भी ठीक कर देता है !

बुखार के लिए औषधि बनाने की विधि :- इसके लिए हम भुई आंवला के ताजे पत्तों और काली मिर्च व श्यामा तुलसी के पत्तो, मुलेठी और गिलोय का प्रयोग करते हैं ! इन सभी औषधियों को बराबर मात्रा में लेकर ! इनका काढा बनाकर, या गोलियां बनाकर ले सकते हैं ! इसका उपयोग दिन में दो से तीन बार करने पर यह हर तरह के ज्वर का रहण कर लेता है !

भूख न लगने में लाभकारी |  Loss of appetite and tiredness

कई बार बुखार के बाद या फिर लीवर में इन्फेक्शन के कारण भूख लगना बिलकुल बन्द हो जाती है ! और एैसी स्थिति में शरीर बहुत कम जोर हो जाता है ! इसका सबसे अच्छा उपाय है भुई आंवला का सेवन ! मित्रो उपर पहले भी यह क्लियर कर दिया गया है कि लीवर के लिए यह सबसे गुणकारी औषधि है ! भुई आंवला ( Infected liver ) इन्फेक्टेड लीवर ठीक करता है, जिससे हमे फिर से भूख लगने लगती है ! और हमारा खाया हुआ भोजन अच्छे से पचने लगता है ! शरीर बुखार में खोई हुई ताकत दोबारा प्राप्त कर लेता है !

रक्त प्रदत में लाभकारी |  Bhumi Amla Plant benefits in Metrorrhagia

जिन भी माताओं और बहनों को रक्त प्रदत (Metrorragia) होता है, उनके लिए यह भुई आंवला सबसे उतम औषधि है !

औषधि बनाने विधि :-  रक्त प्रदत (Metrorragia) के लिए भुई आंवला के पत्तों को निचोड़कर उसमे से दो चमच रस निकल लें और इसमें एक चमच मीठी दूब का रस भी मिला लें ! अब इस रस को प्रात और शाम को कुछ दिन सेवन करने से यह समस्या सदा के लिए समाप्त हो जाती है !

अल्सर के रोग में लाभकारी | Bhumi Amla  benefits in Ulcerative Colitis

जिनको भी अल्सर की समस्या है, उनके लिए भुई आंवला अत्यंत लाभकारी औषधि है ! इसके लिए भुई आंवला और मीठी दूब घास को जड से उखाडकर अच्छे से धो लें ! इसको पथर या मिक्सी में पीसकर इसका रस निकल लें ! इसमें पानी मिलाकर इसका रस बना लें ! हर रोज आधा कप इसका सेवन करने से आँतों का इन्फेक्शन खत्म हो जाता है ! इससे ulcerative colitis की ब्लीडिंग भी दो से तीन दिनों में ही बन्द हो जाती है ! इस तरह यह सालों पुरानी अल्सर की समस्या को भी ठीक कर देता है !

भुई आंवला के प्रयोग में सावधानियां |  Use Rules of Bhumi Amla

यह एक सीजनल पौधा है, तो आप इसको जड समेत उखाडकर अच्छे से साफ करके सुखा लें ! क्योंकि यह पुरे साल नही मिलता ! ताकि इसका पौडर या चूर्ण तैयार किया जा सके !

यह एक कसेला स्वाद का पौधा होता है, इसलिए अधिक सेवन से उल्टियाँ होने का खतरा रहता है !

भुई आंवला लेते समय इसकी मात्रा का विषेस ध्यान रखें !अगर आप इसके रस का सीधा प्रयोग कर रहे हैं तो 10 ml से ज्यादा एक बार में न लें ! इसी तरह से काढ़ा 30 ml और सुखा पौडर 6 ग्राम से अधिक वर्जित है ! अगर हो सके आपने वेदाचार्य से विचार और विमर्श करे लें ! ये कुछ ध्यान देने योग्य बातें हैं !

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